मेदिनीनगर, पलामू : पलामू के किसानों के लिए मलय जलाशय योजना से जुड़ी नहर व्यवस्था के जीर्णोद्धार का रास्ता साफ हो गया है. सांसद विष्णु दयाल राम की पहल पर झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग ने मलय जलाशय योजना की मुख्य नहर के जीर्णोद्धार और क्रॉस ड्रेनेज की मरम्मत के लिए 273.90 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. विभाग ने कार्य पूरा करने के लिए एक वर्ष की समय-सीमा तय की है. जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू होने की बात कही गयी है.
इन संरचनाओं का होगा पुनर्निर्माण
विभागीय स्वीकृति के अनुसार मलय मुख्य नहर के चेन संख्या 21.00 पर नहर, आरसीसी चैनल और गार्डवाल की मरम्मत करायी जायेगी. इसके अलावा चेन संख्या 21.00 पर क्रॉस ड्रेनेज (सीडी), चेन संख्या 18.00 पर एक्वाडक्ट, चेन संख्या 19.00 पर एस्केप और एसएलआर ब्रिज तथा चेन संख्या 216, 326, 683 और 720 पर एसएलआर ब्रिज के पुनर्निर्माण का कार्य कराया जायेगा.
सतबरवा और लेस्लीगंज के किसानों को मिलेगा लाभ
मलय जलाशय योजना पलामू जिले के सतबरवा और लेस्लीगंज प्रखंड की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना है. लंबे समय से नहर और इससे जुड़ी विभिन्न संरचनाओं के जर्जर होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी. नहर के जीर्णोद्धार और क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत से सिंचाई तंत्र मजबूत होने की उम्मीद है.
किसानों के अनुसार, नहर की जर्जर स्थिति के कारण पानी अंतिम छोर तक पहुंचने में परेशानी होती थी. नहर की मरम्मत होने से परियोजना से जुड़े क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है.
वर्षों पुरानी मांग पर हुई पहल
मलय जलाशय से जुड़े सतबरवा और लेस्लीगंज क्षेत्र के किसान लंबे समय से नहर की मरम्मत की मांग कर रहे थे. इसी मांग को देखते हुए सांसद विष्णु दयाल राम ने इसे प्राथमिकता देते हुए जल संसाधन विभाग के स्तर पर पहल की.
सांसद के अनुसार, उन्होंने जल संसाधन विभाग के सचिव प्रशांत कुमार को पत्र लिखने के साथ रांची में उनसे व्यक्तिगत मुलाकात भी की थी. इस दौरान उन्होंने पलामू के ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई से जुड़ी समस्याओं से विभाग को अवगत कराया.
सिंचाई सुविधा बढ़ने से किसानों को उम्मीद
नहर व्यवस्था दुरुस्त होने के बाद किसानों को खरीफ और रबी फसलों की सिंचाई में बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही क्षेत्र में कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है.
सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि पलामू संसदीय क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और पुरानी सिंचाई परियोजनाओं का जीर्णोद्धार उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि मलय जलाशय योजना के पुनरुद्धार से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और इसका लाभ बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों को मिलेगा.
