नीलांबर पीतांबरपुर. कृषि तकनीकी सूचना केंद्र नीलांबर -पीतांबरपुर में आत्मनिर्भरता दलहन एनएफएसएम योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. केवीके के फार्म मैनेजर दिलीप कुमार पांडेय व नाबार्ड के प्रोजेक्ट मैनेजर राजकमल यादव ने प्रशिक्षण के उद्देश्य पर विस्तार से जानकारी दी. मौके पर फार्म मैनेजर दिलीप ने बताया कि हमारा देश आज खाद्यान के उत्पादन में तो आत्मनिर्भर हो चुका है, लेकिन दलहन -तेलहन में आत्मनिर्भर नहीं हुआ है. इसलिए दलहन के उत्पादन के लिए सरकार कई योजनाओं का क्रियान्वयन की शुरुआत कर रही है, ताकि किसान अधिक से अधिक उत्पादन करके विदेशों से आयात पर निर्भरता को कम करने में सहायता करें. उन्होंने प्रतिभागियों के बीच अरहर, मसूर, उड़द के उच्च गुणवत्ता के बीज किसानों लगवाने के लिए प्रेरित किया.वहीं नाबार्ड के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर ने फसलों में लगने वाले विभिन्न कीट व्याधियों तथा फसल चक्र अपनाने हेतु बल दिया.मौके पर पाटन, नावा बाजार, पांकी, मनातू, तरहसी के एटीएम, सतबरवा प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, लेसलीगंज के सभी जनसेवक और प्रखंड कृषि पदाधिकारी साथ ही एफपीओ के सदस्य उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन एटीएम अनिल कुमार मेहता ने किया.
दलहन के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में काम करने की जरूरत
दलहन के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में काम करने की जरूरत
