2026 में विकास की रफ्तार पकड़ेगा मेदिनीनगर

मेडिकल कॉलेज अस्पताल, नया पुल, केवी भवन व जलापूर्ति योजना के पूरे होने की उम्मीद

मेडिकल कॉलेज अस्पताल, नया पुल, केवी भवन व जलापूर्ति योजना के पूरे होने की उम्मीद प्रतिनिधि, मेदिनीनगर पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर के लिए वर्ष 2026 विकास के लिहाज से अहम साबित होने वाला है. नये वर्ष में स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना और आवास से जुड़ी कई बहुप्रतीक्षित योजनाओं के धरातल पर उतरने की उम्मीद है. पोखराहा स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड के अस्पताल भवन का निर्माण तेज गति से चल रहा है, जहां अप्रैल तक ओपीडी सेवा शुरू होने की संभावना है. वहीं मेदिनीनगर–शाहपुर के बीच कोयल नदी पर अतिरिक्त पुल निर्माण की प्रक्रिया भी तेज हो गयी है. इन योजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ शहरी सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि पूरे पलामू क्षेत्र के विकास को नयी दिशा मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है. फरवरी माह तक केंद्रीय विद्यालय को अपना भवन मिलेगा पोखराहा स्थित केंद्रीय विद्यालय भवन का निर्माण 2020 से शुरू हुआ है. पिछले पांच वर्षो से निर्माण कार्य चल रहा है. नये वर्ष 2026 फरवरी तक विद्यालय को अपना भवन मिलने की उम्मीद है. फिलहाल चैनपुर के श्रीसदगुरु हरि प्रताप प्लस टू उच्च विद्यालय में केंद्रीय विद्यालय संचालित है. भवन के अभाव में शैक्षणिक व आवासीय को लेकर परेशानी हो रही है. पलामू सांसद वीडी राम के अथक प्रयास से केंद्रीय विद्यालय पलामू में खोला गया है. इसका लाभ आमलोगों के बच्चों को मिल रहा है. पोखराहा में 10 एकड़ भूमि में विद्यालय भवन के लिए मिला है. भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. शहरी जलापूर्ति योजना फेज टू का कार्य जोरों पर नगर निगम क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है. शहरवासियों को पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो, इसके लिए शहरी जलापूर्ति योजना फेज टू स्वीकृत हुआ है. ज़ुडको कंपनी के द्वारा जलापूर्ति योजना को पूरा करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना है,इसे पूरा होने के बाद नगर निगम क्षेत्र के अधिकांश वार्डो में पेयजल की आपूर्ति सुगम हो जायेगी. शहर के आधे से अधिक आबादी को जलापूर्ति का लाभ मिलेगा. एक अरब 72 करोड़ की लागत से इस प्रोजेक्ट का काम होना है. मार्च 2024 में काम शुरू हुआ था. कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रणजीत कुमार ने बताया कि जमीन का एनओसी नहीं मिलने के कारण विलंब से काम शुरू हुआ है. फिलहाल कार्य तेजी से चल रहा है. सितंबर 2026 तक हर हाल में इस जलापूर्ति योजना का कार्य पूरा हो जायेगा. अप्रैल माह से शुरू हो जायेगा मेडिकल कॉलेज का ओपीडी पलामू में उच्च शिक्षा के विकास के लिए मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुआ है. राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दी थी. 431 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण और आवश्यक संसाधन व सुविधाएं उपलब्ध कराना था. पलामू के प्रतापी राजा मेदिनीराय के नाम पर यह मेडिकल कॉलेज पोखराहा खुर्द में संचालित है. नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय से संबद्ध इस मेडिकल कॉलेज में अगस्त 2019 से एमबीबीएस के प्रथम बैच में नामांकन हुआ. इसके बाद सुचारु रूप पढ़ाई हो रही है, लेकिन विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी हो रही है. फिलहाल मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को सदर अस्पताल के ओपीडी में आना पड़ता है. अधीक्षक डॉ अजय कुमार ने बताया कि नये सत्र अप्रैल 2026 से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ओपीडी सेवा शुरू हो जायेगी. दिसंबर माह तक कोयल पुल पूर्ण होने की उम्मीद राज्य सरकार ने पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर में पुल निर्माण की स्वीकृति दी है. करीब 41.63 करोड़ की लागत से मेदिनीनगर व शाहपुर के बीच कोयल नदी पर अतिरिक्त नये पुल का निर्माण होना है. यह पुल मेदिनीनगर शहर को शाहपुर गढ़वा मार्ग को जोड़ेगी. इस इलाके के लिए यह पुल लाइफ लाइन साबित होगा. पथ निर्माण विभाग इस पुल का निर्माण करेगा. विभाग के कार्यपालक अभियंता के मुताबिक 19 जनवरी 2026 को इस पुल निर्माण योजना का टेंडर होगा. इसके बाद युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य शुरू होगा. अभियंता के अनुसार दिसंबर माह तक हर हाल में पुल निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा. मालूम हो कि वर्षों पूर्व कोयल नदी पर पुल बना है. प्रतिदिन इस पुल से हजारों छोटे बड़े वाहनों का परिचालन होता है. इस कारण यह पुल अक्सर जाम रहता है. पुराने पुल पर ट्रैफिक के बढ़ते दबाव व आम नागरिकों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने नये पुल निर्माण की स्वीकृति दी है. अप्रैल माह तक पूरा हो जायेगा किफायती आवास नगर विकास एवं आवास विभाग मेदिनीनगर में किफायती आवास का निर्माण करा रहा है. शहर के सुदना स्थित अघोर आश्रम रोड में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 240 यूनिट किफायती आवास का निर्माण हो रहा है. तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वर्ष 2019 में इस योजना का शिलान्यास किया था. तीन वर्षों में यह योजना पूरा होना था, लेकिन अभी तक पूर्ण नहीं हो सका है. नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त प्रमोद उरांव व नोडल प्रभारी नगर प्रबंधक मोहम्मद शाहिद हसन ने बताया कि कार्य तेजी से चल रहा है. लाभुकों के द्वारा आवास के किस्त की राशि का भुगतान नहीं करने की वजह से कार्य पूरा होने में विलंब हुआ है. इस प्रोजेक्ट का आधा से अधिक कार्य हो गया है. माह अप्रैल 2026 तक किफायती आवास योजना पूर्ण हो जायेगी.

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By Akarsh aniket

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