हाथियों के झुंड के कारण परेशानी हो रही है प्रतिनिधि, मेदिनीनगर रांची–सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस (18635 अप और 18636 डाउन) इन दिनों लगातार विलंब और कैंसिलेशन की समस्या से जूझ रही है.. सोमवार को हाथियों का झुंड रेल पटरी पर आ गया था, जिसमें एक हाथी का बच्चा ट्रेन से घायल हो गया.. इसके बाद झुंड कई घंटे तक पटरी पर जमे रहा.. वन विभाग के प्रयास से हाथियों को जंगल की ओर भगाया गया, लेकिन रेल परिचालन अब तक सामान्य नहीं हो पाया है.. पिछले चार दिनों से ट्रेनें सात से आठ घंटे तक लेट चल रही हैं.. कई बार यह विलंब 12 से 16 घंटे तक पहुंच गया.. उदाहरण के तौर पर, डालटनगंज स्टेशन पर बुधवार रात 8:36 बजे आने वाली ट्रेन गुरुवार दोपहर 1:01 बजे पहुंची.. इसी तरह, सुबह 6:15 बजे आने वाली ट्रेन दोपहर 1:37 बजे पहुंची.. इस कारण सुबह यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री ट्रेन से वंचित रह गये.. लगातार विलंब और कैंसिलेशन से ट्रेन के डिब्बे खाली रह रहे हैं.. गुरुवार को रांची से सासाराम जाने वाली ट्रेन रद्द कर दी गई और शुक्रवार को सासाराम से रांची जाने वाली ट्रेन भी कैंसिल कर दी गई.. यात्रियों ने फिलहाल इस ट्रेन से यात्रा स्थगित कर दी है.. रेलवे को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है.. डालटनगंज स्टेशन पर इस ट्रेन से प्रतिदिन लगभग 40 हजार रुपये का राजस्व मिलता था.. लेकिन पिछले पाँच दिनों में करीब पाँच लाख रुपये की क्षति हुई है.. रांची–सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस बिहार और झारखंड के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.. लेकिन हाथियों की घटना के बाद से लगातार विलंब ने यात्रियों की असुविधा बढ़ा दी है और रेलवे की आय पर भी गंभीर असर डाला है..
रेलवे को पांच दिन में पांच लाख का नुकसान, 16 घंटे लेट पहुंची रांची-सासाराम, आज रहेगी रद
हाथियों के झुंड के कारण परेशानी हो रही है
