PM श्री स्कूलों की खुली पोल! कहीं व्यवस्था पर नाराजगी, तो कहीं कम मिली छात्रों की उपस्थिति

राज्य स्तरीय पदाधिकारियों ने पलामू के PM श्री स्कूलों का निरीक्षण कर जमीनी हकीकत परखी. कई स्कूलों में व्यवस्था और छात्र उपस्थिति को लेकर जताई गई चिंता. शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया गया.

मेदिनीनगर. पलामू जिले में पीएम श्री विद्यालयों की व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों की जमीनी हकीकत परखने के लिए राज्य स्तरीय पदाधिकारी द्वारा चलाये गये निरीक्षण अभियान का मंगलवार को पांचवां दिन था. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की उप सचिव जयंती देवगम ने मंगलवार को स्तरोन्नत उच्च विद्यालय सिलदिलिया, तरहसी, प्लस टू उच्च विद्यालय चक, मनातू और पांकी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया. इस दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, उपलब्ध संसाधनों के उपयोग और विद्यालय संचालन की स्थिति का जायजा लिया गया.

सिलदिलिया विद्यालय की व्यवस्था पर जताया असंतोष

उप सचिव ने स्तरोन्नत उच्च विद्यालय सिलदिलिया, तरहसी की व्यवस्था पर असंतोष जताया. विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी अपेक्षा के अनुरूप कम मिली. इस पर उप सचिव ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन को व्यवस्था में सुधार करने के साथ विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देना चाहिए.

चक मनातू में संसाधनों के बेहतर उपयोग का निर्देश

इसके बाद उप सचिव ने टीम के साथ प्लस टू उच्च विद्यालय चक, मनातू का निरीक्षण किया. यहां विद्यालय की व्यवस्था आंशिक रूप से सही पायी गयी. उप सचिव ने विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया.

कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं से किया संवाद

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पांकी में निरीक्षण के दौरान छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला. उप सचिव ने छात्राओं से संवाद कर उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बालिकाओं को कैरियर निर्माण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की सलाह दी.

कहा- निरीक्षण में सामने आयी कई खामियां

उप सचिव जयंती देवगम ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में काफी खामियां पायी गयी हैं. जमीनी हकीकत कुछ और है.

उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी जवाबदेही को नहीं समझेंगे, तो बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल सकती है. सरकार बेहतर शिक्षा देने के लिए सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, लेकिन विद्यालयों में बच्चों को बेहतर माहौल और संसाधनों की कमी देखी जा रही है. इस दिशा में सुधार करने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों और प्रखंड में संबंधित पदाधिकारियों को समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण करना चाहिए. तभी शिक्षा का बेहतर माहौल स्थापित हो सकता है.

ये पदाधिकारी रहे मौजूद

मौके पर एपीओ उज्ज्वल मिश्र, बीपीओ डॉ मनोज तिवारी, रेखा कुमारी, कृष्णकांत द्विवेदी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By चंद्रशेखर सिंह

चंद्रशेखर सिंह प्रभात खबर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने लंबे समय से पत्रकारिता करियर में क्राइम, सामाजिक मुद्दों और राजनीति से जुड़े विषयों पर व्यापक रूप से काम किया है. मेदिनीनगर (पलामू) में जमीनी स्तर की पत्रकारिता में इनकी खास पकड़ रही है. समाज से जुड़े महत्वपूर्ण और अनदेखे मुद्दों को सामने लाने, आम लोगों की समस्याओं को आवाज देने और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के लिए वह जाने जाते हैं. अपराध और राजनीति से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक बदलाव और जनहित के मुद्दों पर भी लगातार काम किया है. क्राइम रिपोर्टिंग, सामाजिक सरोकार और राजनीतिक पत्रकारिता उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं. तीन दशकों के अनुभव के दौरान उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य और पत्रकारिता के तौर-तरीकों को करीब से देखा और समझा है. उनकी पत्रकारिता में जमीनी अनुभव, सामाजिक मुद्दों की समझ और तथ्यपरक रिपोर्टिंग को विशेष महत्व मिलता है.

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