रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट
पाटन. किशुनपुर स्थित प्रखंड संसाधन केंद्र में अखिल भारतीय झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के प्रखंड अध्यक्ष प्रियेश कुमार ने की, जबकि संचालन राजीव रंजन पांडेय और नागेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया.
नवनियुक्त सहायक आचार्यों को सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संघ के जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार दुबे, डीडीओ अजय कुमार पांडेय तथा विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत कुमार तिवारी और बीईईओ नागेंद्र कुमार सिंह मौजूद रहे. इस अवसर पर सेवानिवृत्त चार शिक्षकों को भावभीनी विदाई दी गई. वहीं, प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापित नवनियुक्त सहायक आचार्यों को सम्मानित किया गया.
कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील
जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार दुबे ने नवनियुक्त सहायक आचार्यों से अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से ग्रेड पे कम किए जाने की चिंता किए बिना शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर ध्यान दें. उन्होंने कहा कि नियुक्ति हो जाना अंतिम उपलब्धि नहीं है. शिक्षकों को लगातार मेहनत करनी होगी और अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए शिक्षा के प्रति गंभीरता से काम करना होगा. उन्होंने शिक्षकों से सस्ती लोकप्रियता की होड़ से दूर रहकर अपने दायित्वों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही.
जिम्मेदारी समझते हुए पूरी ऊर्जा के साथ काम
महासचिव अमरेश कुमार सिंह ने कहा कि जब शिक्षक बच्चों और अभिभावकों को निजी विद्यालयों की जगह सरकारी विद्यालयों की ओर आकर्षित करने में सफल होंगे, तो यह शिक्षकों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत कुमार तिवारी ने कहा कि नवनियुक्त सहायक आचार्यों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पूरी ऊर्जा के साथ काम करना होगा. उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों की भी एक सीमा होती है और शिक्षकों को अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए.
कर्तव्यों की भी जानकारी होनी चाहिए
उन्होंने संघ के पदाधिकारियों से वैसे शिक्षकों को भी समझाने की अपील की, जो अपने कार्यों के प्रति गंभीर नहीं रहते या विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों को उनकी जिम्मेदारी और ड्यूटी का बोध कराना जरूरी है. बीईईओ नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों को केवल अपने अधिकारों की नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों की भी जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस दिन शिक्षक बेहतर शिक्षा और अच्छे व्यवहार के जरिए बच्चों और अभिभावकों का विश्वास जीतने में सफल होंगे, वही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी.
चार सेवानिवृत्त शिक्षकों को दी विदाई
समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षक उदयभानु तिवारी, विनोद उपाध्याय, राजेश्वर प्रजापति और नरेश यादव को शॉल और बुके देकर सम्मानित किया गया. इस दौरान शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई.
अतिथियों को अपनी स्वरचित पुस्तक भेंट
कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापित सभी नवनियुक्त सहायक आचार्यों को सम्मानित किया गया. इनमें मिथिलेश उपाध्याय, शेखर सत्यकेतु, अयोध्या प्रसाद, राजेश कुमार, रवींद्र कुमार ठाकुर, विजय बहादुर सिंह और राजेंद्र द्विवेदी सहित अन्य सहायक आचार्य शामिल रहे. कार्यक्रम के अंत में किशुनपुर मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापक रीना कुमारी ने सभी अतिथियों को अपनी स्वरचित पुस्तक भेंट की. मौके पर गोपाल राम, रामानुज प्रसाद, रामस्वरूप राम, आनंद मोहन, संजय कुमार सिंह, पंकज कुमार सिंह, संजय कुमार, अयोध्या प्रसाद, राजीव कुमार, सोनू कुमार तिवारी, संतोष कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे.
