मेदिनीनगर . झारखंड ऑफिसर्स, टीचर्स एंड एम्प्लॉइज फेडरेशन (झारोटेफ), ने शिक्षा विभाग के सचिव, निदेशक व पलामू डीसी को पत्र भेजा है. पत्र के माध्यम से हर महीने के तीसरे शनिवार को शिक्षक महापंचायत आयोजित करने की मांग की है. पलामू के जिलाध्यक्ष मनोज मेहता ने कहा है कि इससे शिक्षकों की समस्याओं का जल्दी और निष्पक्ष समाधान हो सकेगा.
मानसिक और आर्थिक परेशानी
पत्र में कहा गया है कि शिक्षक पढ़ाने के साथ कई विभागीय काम करते हैं. फिर भी उन्हें अपनी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं. इससे उनका कीमती समय बर्बाद होता है. साथ ही उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी भी होती है. महापंचायत होने से शिक्षक अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याएं सीधे बड़े अधिकारियों के सामने रख सकेंगे.
समस्याओं का तुरंत समाधान
अधिकारियों की मौजूदगी में समस्याओं का तुरंत समाधान किया जायेगा. जिन मामलों में समय लगेगा, उनके लिए समय-सीमा तय होगी.जिला अध्यक्ष मनोज मेहता ने कहा कि यह मांग किसी अधिकारी या कार्यालय के विरोध में नहीं है. यह पहल शिक्षकों और विभाग के बीच समन्वय और भरोसा बढ़ाने के लिए है. इससे स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा. उन्होंने कहा कि शिक्षक दफ्तरों के चक्कर लगाने के बजाय एक तय मंच पर अपनी बात कहें, यही इसका मुख्य उद्देश्य है. झारोटेफ ने जिला प्रशासन से इस संबंध में जल्द आदेश जारी करने की मांग की है.
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झारोटेफ की प्रमुख मांगें
हर महीने के तीसरे शनिवार को नियमित शिक्षक महापंचायत ,शिक्षकों की समस्याओं का समय पर और निष्पक्ष समाधान ,शिक्षा कार्यालयों में काम पारदर्शी और जवाबदेह ,भ्रष्टाचार, बिचौलियापन और फालतू हस्तक्षेप पर रोक लगाने,शिक्षकों का आर्थिक और मानसिक शोषण बंद करने,विभागीय कार्यों के लिए सरल और स्पष्ट नियम बनाने,शिक्षकों को बड़े अधिकारियों से सीधे मिलने का मौका देने,कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिले ताकि समय बचे,स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के लिए विभागीय समस्याएं दूर करने,महापंचायत की शिकायतों का रजिस्टर बनाने और समीक्षा हो,बड़े फैसलों वाले मामलों को आगे भेजकर उनकी निगरानी करने की मांग की है.
