जेल की व्यवस्था का लिया जायजा,कैदियों का जाना हाल

पीडीजे ने केंद्रीय कारा किया निरीक्षण, दिये कई निर्देश

पीडीजे ने केंद्रीय कारा किया निरीक्षण, दिये कई निर्देश प्रतिनिधि, मेदिनीनगर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर बोर्ड ऑफ विज़िटर व डालसा की संयुक्त टीम ने रविवार को मेदिनीनगर केंद्रीय कारा का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान टीम में शामिल पलामू के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश श्रीराम शर्मा, डीसी समीरा एस, पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन,डालसा सचिव राकेश रंजन सहित कई अधिकारियों ने केंद्रीय कारा की व्यवस्था का जायजा लिया. मौके पर सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार श्रीवास्तव,भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता महेंद्र राम, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अमिताभचंद सिंह, संतोष कुमार पाण्डेय, प्रभारी काराधीक्षक आनंद कुमार झा शामिल थे. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल के बैरक, महिला वार्ड, मेडिकल वार्ड, रसोई घर,स्टोर रूम सहित अन्य जगहों की व्यवस्था व उपलब्ध सुविधा का जायजा लिया. इसके अलावा जेल प्रशासन के द्वारा कैदियो दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली गई. केंद्रीय कारा की स्वास्थ्य व्यवस्था व सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया. टीम ने केंद्रीय कारा के बाहर व भीतर सफाई की स्थिति, पेयजल,शौचालय, पुस्तकालय व कैदियों से जुड़े सुविधा की उपलब्धता की समीक्षा किया. कैदियों की सुविधा के बारे में दी जानकारी कैदियों से मिलकर जेल प्रशासन के द्वारा दी जा रही सुविधा की जानकारी लिया गया. इसके अलावा मुकदमे की पैरवी को लेकर एलएडीसी के तहत निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए उपलब्ध कराए गए अधिवक्ता के बारे में भी जानकारी लिया गया. पीडीजे श्री राम शर्मा ने कहा कि एलएडीसी के तहत बंदी के पैरवी व कानूनी सहायता के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने का प्रावधान है. डालसा के द्वारा सभी बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जा रहा है,ताकि उनके मुकदमे की पैरवी में सहूलियत हो सके. पीडीजे ने बताया कि एलएडीसी के तहत अधिवक्ता हमेशा यहां आते हैं और बंदियों के रिमांड, जमानत,गवाही, अपील सहित कई कानूनी सहायता करते हैं. उन्होंने बंदियों को सुझाव देते हुए कहा कि किसी भी तरह की समस्या या परेशानी होने पर पीएलवी के माध्यम से डालसा को लिखित जानकारी दें.निरीक्षण के दौरान टीम ने बंदियों से यह जानकारी हासिल किया कि सरकार के द्वारा निर्धारित मानक मेनू के अनुसार भोजन मिलता है या नही. कारा में बंदियों के साथ किसी प्रकार के भेदभाव बरतने या प्रताड़ित करने के मामले की भी तहकीकात किया गया. निरीक्षण के दौरान पठन पाठन की पुस्तकें,संगीत संसाधन सही स्थिति में पाया गया. टीम ने महिला कैदियों से भी मुलाकात किया व उनकी समस्यायों से रूबरू हुए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Akarsh aniket

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >