मोहम्मदगंज,पलामू: शुक्रवार की सुबह भीम बराज के ऊपरी हिस्से में बनी बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित किया गया. बराज के सभी 40 गेट खोलकर सीधे कोयल नदी में पानी छोड़ा गया. इससे नदी तट के निचले हिस्से के कई गांवों में पानी घुसने लगा. शाम तक नदी का जलस्तर घटने से गांवों में पहुंचा पानी भी कम होने लगा.
2.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
शुक्रवार शाम तक बराज के ऊपरी हिस्से से करीब 2 लाख 70 हजार क्यूसेक पानी सीधे कोयल नदी में छोड़ा जा रहा था. इससे बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में कंट्रोल रूम के कर्मी सफल रहे. नहर के तटबंध पर पानी का दबाव कम करने के लिए पानी छोड़े जाने वाले फाटक को बंद कर दिया गया है. इस कारण नहर में पानी की आपूर्ति बंद है.
26 कर्मियों की लगायी गयी आपातकालीन ड्यूटी
मौसम विभाग की ओर से अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए बराज के नियंत्रण कक्ष में कुल 26 लोगों की आपातकालीन ड्यूटी लगायी गयी है. इनमें दो अधिकारी, 11 जेई और 13 दैनिक भोगी शामिल हैं. बराज के ऊपरी हिस्से में जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सभी की ड्यूटी बांटी गयी है.
भीम बराज में पलामू और गढ़वा जिले की सभी छोटी-बड़ी नदियां आकर मिलती हैं. बाढ़ के पानी का नियंत्रण बराज में लगे फाटकों के संचालन से किया जाता है. बाढ़ का पानी बराज में पहुंचने पर सभी फाटक खोलकर सीधे नदी में पानी छोड़ा जाता है. नहर का तटबंध टूटने के खतरे से बचने के लिए नहर का फाटक बंद कर दिया जाता है. शुक्रवार सुबह से ही दायीं मुख्य नहर का फाटक बंद है. इससे किसानों के लिए नहर में पानी की आपूर्ति बंद है.
