छतरपुर से निखिल कुमार सिन्हा की रिपोर्ट
छतरपुर. पलामू जिले के छतरपुर में देर रात राज्य के वित्त मंत्री सह स्थानीय विधायक राधाकृष्ण किशोर अचानक एनएच-98 पर ओवरलोड वाहनों की जांच के लिए सड़क पर उतर गये. मंत्री ने एनएच-98 स्थित महिंद्रा पेट्रोल पंप के समीप करीब तीन घंटे तक वाहनों की जांच की. इस दौरान ओवरलोड मिले तीन वाहनों को पकड़ा गया. पकड़े गये वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी.
वित्त मंत्री के अचानक रात में छतरपुर पहुंचने और स्वयं सड़क पर उतरकर वाहनों की जांच करने की सूचना मिलते ही ओवरलोड वाहनों के परिचालन से जुड़े चालकों व संचालकों में हड़कंप मच गया. कार्रवाई की खबर एनएच-98 पर तेजी से फैल गयी. इसके बाद कई ओवरलोड वाहन चालक अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर आगे बढ़ने से बचते नजर आये. कुछ समय के लिए एनएच-98 पर ओवरलोड वाहनों का परिचालन लगभग थम गया.
तीन घंटे तक चला जांच अभियान
बताया जाता है कि सोमवार की देर रात वित्त मंत्री का काफिला छतरपुर पहुंचा. इसी दौरान उन्होंने एनएच-98 पर ओवरलोड वाहनों के परिचालन की जानकारी मिलने पर महिंद्रा पेट्रोल पंप के समीप वाहनों की जांच शुरू करायी. मंत्री ने मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई की निगरानी की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये. जांच के दौरान वाहनों के कागजात और लोड की स्थिति की जांच की गयी.
ओवरलोड पाए जाने पर तीन वाहनों को रोककर कार्रवाई की गयी. इस दौरान वाणिज्यकर संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार, राज्य कर पदाधिकारी कीर्तिवर्धन, वीर सिंह होरो, छतरपुर थाना प्रभारी सौरभ चौबे समेत पुलिस बल मौजूद था. पकड़े गये वाहनों के विरुद्ध संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गयी. देर रात तक चले अभियान के कारण एनएच-98 पर वाहन चालकों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही.
कार्रवाई की खबर से थम गया ओवरलोड वाहनों का परिचालन
वित्त मंत्री की इस अचानक कार्रवाई की चर्चा रात में ही पूरे इलाके में फैल गयी. एनएच-98 से गुजरने वाले कई ओवरलोड वाहन चालकों ने रास्ते में ही वाहन खड़े कर दिये. स्थानीय लोगों के अनुसार मंत्री के सड़क पर उतरकर जांच करने से कुछ समय के लिए ओवरलोड वाहनों का परिचालन पूरी तरह प्रभावित रहा. मंत्री की कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा रही. खासकर रात के समय अचानक हुई इस जांच से ओवरलोड वाहन संचालकों में हड़कंप देखा गया. प्रशासनिक स्तर पर आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहने की संभावना जतायी जा रही है.
जीएसटी की चोरी रोकने की जिम्मेदारी वाणिज्यकर विभाग की : राधाकृष्ण किशोर
वित्त मंत्री सह छतरपुर विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कोयला और खनिज पदार्थों के परिवहन में हो रही कथित अनियमितता को लेकर वाणिज्यकर विभाग और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि लातेहार जिले के बालूमाथ क्षेत्र से प्रतिदिन 100 से अधिक कोयला लदे ओवरलोड वाहन छतरपुर होते हुए बिहार की ओर जा रहे हैं. इसके अलावा बड़े पैमाने पर कोयला और छरी का परिवहन हो रहा है. इससे राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ जीएसटी की चोरी हो रही है. वित्त मंत्री ने कहा कि खनिज संपदा के परिवहन से जुड़े मामलों में राजस्व की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि ऐसे में वाणिज्यकर विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वह जीएसटी चोरी पर प्रभावी रोक लगाये और यह सुनिश्चित करे कि सरकार को मिलने वाले राजस्व का नुकसान नहीं हो.
डीएमओ और डीटीओ की कार्यशैली पर उठाये सवाल
राधाकृष्ण किशोर ने पलामू के जिला खनन पदाधिकारी और जिला परिवहन पदाधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया. उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनों अधिकारी ‘कुंभकर्णी नींद’ में सोये हुए हैं. उन्होंने सवाल किया कि कोयला अथवा अन्य खनिज सामग्री लेकर जिले से गुजरने वाले वाहनों के पास वैध चालान है या नहीं, इसकी जांच की जिम्मेदारी आखिर किसकी है. मंत्री ने कहा कि यदि नियमों का पालन नहीं हो रहा है और ओवरलोड वाहनों का परिचालन लगातार जारी है, तो संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी. उन्होंने कहा कि सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है. मंत्री श्री किशोर ने कहा कि भारत सरकार की गलत नीतियों के कारण झारखंड को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है. राज्य की खनिज संपदा का बड़े पैमाने पर परिवहन हो रहा है, लेकिन इससे झारखंड सरकार को अपेक्षित राजस्व नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि राजस्व के नुकसान के साथ जीएसटी चोरी की भी स्थिति बन रही है.
अचानक जांच का अभियान जारी रहेगा
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि वह किसी भी समय अचानक जांच करा सकते हैं. उन्होंने संकेत दिया कि सड़क पर चल रहे वाहनों की जांच के साथ उनके कागजात, चालान और लोड की भी जांच करायी जायेगी. उन्होंने कहा कि सरकार के राजस्व की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए. जीएसटी और खनिज राजस्व में होने वाली चोरी को रोकने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय होकर कार्रवाई करनी होगी.
