विश्रामपुर. प्रखंड के नावाडीह कला स्थित रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय (आरसीयू) में नये शैक्षणिक सत्र 2026-27 के विद्यार्थियों के लिए मंगलवार को दीक्षारंभ 2026 फ्रेशर्स ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. समारोह का उद्देश्य नये विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के माहौल और शैक्षणिक प्रणाली से परिचित कराना था.
असंभव को संभव बनाने की सोच जरूरी : रामचंद्र चंद्रवंशी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सह विश्वविद्यालय के संस्थापक रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि असंभव को संभव बनाने की सोच ही इंजीनियरिंग की वास्तविक पहचान है. उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग सिर्फ डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जीवन और समाज की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालने की क्षमता है.
उन्होंने कहा कि इसके लिए विद्यार्थियों को अपने भीतर रचनात्मक सोच, कड़ी मेहनत और अनुशासन विकसित करना होगा.
स्पष्ट उद्देश्य और जिज्ञासा जरूरी : कुलाधिपति
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि जीवन में एक स्पष्ट उद्देश्य और जिज्ञासा का होना अनिवार्य है. बिना लक्ष्य के जीवन की सही दिशा तय नहीं की जा सकती. निरंतर सीखने की ललक ही अंततः सफलता की ओर ले जाती है.
शैक्षणिक व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की दी जानकारी
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान नये छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय की पूरी शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और कैंपस में उपलब्ध विभिन्न तकनीकी एवं पाठ्येतर सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी.
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ गोविंद सिंह ने किया. मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ संजय कुमार झा, रजिस्ट्रार डॉ देवाशीष मंडल सहित विभिन्न विभागों के प्राचार्य, शिक्षकगण और भारी संख्या में नये विद्यार्थी मुख्य रूप से मौजूद थे.
