शिवेन्द्र कुमार की रिपोर्ट
मेदिनीनगर. नीलांबर-पितांबरपुर के बसौरा स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में मेस के भोजन की गुणवत्ता और रसोई की साफ-सफाई को लेकर छात्रों ने सुबह से कॉलेज परिसर में धरना दिया. छात्रों ने मेस में खराब गुणवत्ता का भोजन परोसे जाने और स्वच्छता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया.
भोजन में मिल रहे है कीड़े, कांच के टुकड़े, बाल और लोहे के तार
धरना की सूचना मिलने पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय, नीलांबर-पितांबरपुर के अंचलाधिकारी जागो महतो, फूड इंस्पेक्टर और थाना के पुलिस अधिकारी कॉलेज परिसर पहुंचे. अधिकारियों ने छात्रों से मामले की जानकारी ली और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना. छात्रों ने आरोप लगाया कि मेस में परोसे जा रहे भोजन में लगातार कीड़े, कांच के टुकड़े, बाल और लोहे के तार मिल रहे हैं. इसके अलावा खाना बनाने की जगह और भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की स्वच्छता को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए.
मेस का औचक निरीक्षण, नमूने जब्त
शिकायत के बाद सदर एसडीओ, अंचलाधिकारी और फूड इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम ने मेस का औचक निरीक्षण किया. टीम ने भोजन के नमूने जब्त किए. अधिकारियों ने मेस की साफ-सफाई, बर्तनों, बैठने की व्यवस्था, सैनिटाइजेशन और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया. सदर एसडीओ संजय पांडेय ने आक्रोशित छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया. इसके बाद देर रात छात्रों ने धरना समाप्त किया.
नमूने सील कर जांच के लिए स्टेट फूड लैब
एसडीओ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मेस में हाइजीन और साफ-सफाई का स्तर काफी खराब पाया गया. करीब 10 से 12 बिंदुओं पर गंभीर कमियां सामने आई हैं. इन कमियों को लेकर संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा. मेस से चावल, दाल और लाल मिर्च के नमूने सील कर जांच के लिए स्टेट फूड लैब, नामकुम, रांची भेजे जा रहे हैं. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मेस वेंडर हटाने की मांग
छात्रों ने वर्तमान मेस वेंडर को कॉलेज से हटाने की मांग की. प्रशासन की ओर से बकाया भुगतान के निपटारे के लिए 30 सितंबर तक की समय-सीमा तय की गई है. अधिकारियों ने भरोसा दिया कि निर्धारित अवधि में कमियों का सुधार नहीं होने पर नियमानुसार प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन
इधर, इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों के हंगामे की सूचना मिलने पर एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी और आपसू के कमलेश कुमार पांडेय भी कॉलेज पहुंचे. उन्होंने कहा कि छात्रों की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं और समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा.
