वन विभाग ने इडी को सौंपे कागजात, दो माह में 60 केजी पैंगोलिन शल्क बरामद, 61 गिरफ्तार
प्रतिनिधि : मेदिनीनगर
वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग ने 20 नवंबर को फ्रांस निर्मित एक किलो 200 ग्राम सांप का शुद्ध जहर बरामद किया. इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 80 करोड़ रुपये आंकी गयी है. इस सनसनीखेज बरामदगी को प्रभात खबर ने 21 नवंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वन विभाग डालटनगंज को पत्र भेजकर पूरे केस की जानकारी मांगी. ईडी को शक है कि इतनी भारी मात्रा में अवैध जहर पकड़े जाने के पीछे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क जुड़ा हो सकता है. वन विभाग ने इस मामले में औरंगाबाद के देव से मोहम्मद सिराज और मोहम्मद मिराज को गिरफ्तार किया. पूछताछ में दोनों ने बताया कि हरिहरगंज के कौवाखोह निवासी राजू कुमार सांप के जहर की खरीद-बिक्री करता है. ईडी अब यह जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं और इसका दायरा कितना बड़ा है. चूंकि बरामद जहर फ्रांस निर्मित है, इसलिए एजेंसी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके कनेक्शन का संदेह है. पीटीआर (पलामू टाइगर रिजर्व) के डिप्टी डायरेक्टर ब्रिजेशकांत जेना ने पुष्टि की कि ईडी ने इस मामले से जुड़े कागजात मांगे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले दो माह में वन्यजीव अपराधों पर लगातार कार्रवाई की गयी है. इस दौरान 60 किलो पैंगोलिन शल्क बरामद किया गया और 61 लोगों की गिरफ्तारी हुई. बरामद सामग्री में शामिल हैं: रेड सैंड गोवा सांप -2, हिरण का चमड़ा-2, चीता का चमड़ा-1, देसी भरठुआ बंदूक-3, मोर का पैर-1, बाघ की हड्डी- वाहन: स्कॉर्पियो, मोटरसाइकिल, गुलेलयह कार्रवाई 18 नवंबर से 20 जनवरी के बीच की गयी. इसमें वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो, पीटीआर, और कई जिलों के डीएफओ शामिल रहे, जिनमें मेदिनीनगर, लातेहार, जमशेदपुर, गढ़वा, रांची, गुमला, पालकोट, जसपुर, बलरामपुर, दरभंगा और बांका के अधिकारी शामिल थे.
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