रेड़मा ठाकुरबाड़ी की जमीन को लेकर भिड़े दो गुट के लोग, आरोप-प्रत्यारोप

शहर के रेड़मा रांची रोड ठाकुरबाड़ी परिसर स्थित राधाकृष्ण मंदिर के नाम पर कई जगहों पर जमीन है.

मेदिनीनगर. शहर के रेड़मा रांची रोड ठाकुरबाड़ी परिसर स्थित राधाकृष्ण मंदिर के नाम पर कई जगहों पर जमीन है. मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष विजय तिवारी, सुनील तिवारी, शशि तिवारी, दीपक तिवारी, ललन तिवारी, मुरारी तिवारी, अजय तिवारी सहित कई लोगाें ने मंदिर की जमीन हड़पने की साजिश का पर्दाफाश किया है. रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में समिति के लोगों ने कहा कि रेड़मा ठाकुरबाड़ी राधाकृष्ण मंदिर एवं उसके नाम पर जो जमीन है, उसकी देखरेख रेड़मा वासियों के द्वारा गठित मंदिर विकास समिति कई वर्षों से कर रही है. इस जमीन पर कब्जा जमाने के लिए शिक्षक शिवध्यान तिवारी व सीपीआई के जिला सचिव रूचिर कुमार तिवारी साजिश रच रहे हैं. अपनी मंशा को सफल करने के लिए उनलोगों के द्वारा निजी ट्रस्ट बनाया जा रहा है. समिति के लोगों ने कहा कि उनका यह कुत्सित प्रयास व आचरण मर्यादा के विपरीत है. स्थानीय लोगों के द्वारा गठित समिति उनके इस मंसूबे पर पानी फेर देगी. समिति के लोगों का यह कहना है कि पूर्वजों की यह धरोहर है और उसकी रक्षा करने के लिए समिति व रेड़मावासी एकजुट हैं. समिति के लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर की एक एकड़ 39 डिसमिल जमीन पर शिवध्यान तिवारी व रूचिर तिवारी द्वारा अवैध कब्जा किया गया है. मंदिर समिति जब उस जमीन को अवैध कब्जा से मुक्त कराने का प्रयास करती है, तो वे लोग कमेटी के सदस्यों के साथ गाली-गलौज व मारपीट करते हैं. समिति के लोगों ने कहा कि आमसभा में रेड़मा वासियों के निर्णय के आलोक में ट्रस्ट निर्माण की प्रक्रिया चल रही है. मौके पर युगल किशोर तिवारी, विवेकानंद त्रिपाठी, यशवंत तिवारी, वृजमोहन तिवारी, उमेश तिवारी, यज्ञ समिति के अध्यक्ष दिलीप तिवारी, नवीन तिवारी, अखिलेश तिवारी, अभिषेक, प्रवीण, रौशन तिवारी, शशि तिवारी, आलोक पांडेय सहित कई लोग मौजूद थे.

अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होंगे समिति के लोग : रूचिर

सर्व ब्राह्मण विकास समिति के संरक्षक रूचिर तिवारी, अध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी, सचिव त्रिपुरारी तिवारी, दयाशंकर तिवारी ने कहा कि मंदिर विकास समिति के द्वारा जो आरोप लगाये गये हैं, वह बेबुनियाद है. सच तो यह है कि कुछ लोग रेड़मा ठाकुरबाड़ी की जमीन को हड़पने की नीयत से ट्रस्ट बनाये हैं. उनलोगों के द्वारा आम सहमति के बिना ही गलत तरीके से दुकान का निर्माण किया जा रहा है. इसके पीछे धन संग्रह की मंशा है. उन्होंने कहा कि मंदिर के आय-व्यय का ऑडिट भी नहीं कराया गया है. सर्व ब्राह्मण विकास समिति ने इसका विरोध किया है और उनलोगों के मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया जायेगा.

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Published by: Satyaprakash pathak

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