आयुक्त ने जिलेवार राजस्व वसूली की स्थिति, लंबित मामलों, भू-राजस्व, लगान, खनन मद और अन्य राजस्व स्रोतों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया. समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि कुछ विभागों ने अपेक्षित प्रगति नहीं की है. इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, ऐसे में राजस्व संग्रहण में तेजी लाना सुनिश्चित करें ताकि लक्ष्य पूरा हो सके.
आयुक्त ने लंबित राजस्व वादों के त्वरित निष्पादन और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने की सलाह दी और चेतावनी दी कि राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.बैठक में आयुक्त के सचिव विजय वर्मा, तीनों जिलों के अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, खनन पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, उत्पाद अधीक्षक, नीलाम पत्र पदाधिकारी, बिजली विभाग के पदाधिकारी, जिला अवर निबंधक, नगर निकायों के पदाधिकारी तथा राजस्व से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.
