SIR के चक्कर में अंचल कार्यालय का काम प्रभावित, जन्म-निवास प्रमाण पत्र के लिए लगी लंबी दौड़

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्य से पांकी का अंचल कार्यालय प्रभावित हो रहा है. जन्म और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उमड़ी भीड़ के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

पांकी से पिंटू सिंह की रिपोर्ट

पांकी. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य चल रहा है. इस कार्य में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रखंड व अंचल के पदाधिकारी और कर्मियों को जिम्मेवारी दी है. एसआइआर के तहत दावा-आपत्ति के मामलों के निष्पादन को लेकर एक तरफ प्रशासन सक्रिय है, वहीं जिन मतदाताओं को नोटिस दिया गया है, वे आवश्यक दस्तावेज जुटाने में लगे हैं.

जन्म और निवास प्रमाण पत्र के लिए बढ़ी भीड़

कई मतदाताओं को जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज की आवश्यकता है. इन सभी प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भीड़ लगी रहती है. लेकिन कर्मियों के एसआइआर कार्य में प्रतिनियुक्ति होने के कारण कार्यालय का काम प्रभावित हो रहा है.

लोगों का कहना है कि पांकी में 25 पंचायत और 10 हल्का है. प्रशासन ने अनिल कुमार रजक और मोहम्मद खुर्शीद आलम को इसका प्रभार दिया है. राजस्व कर्मचारियों की कमी के कारण लोगों को स्थानीय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बनवाने में परेशानी हो रही है.

रोज दो हजार से अधिक आवेदन जमा होने का दावा

बताया जाता है कि अंचल कार्यालय में दो हजार से अधिक आवेदन प्रतिदिन जमा होते हैं. लोग प्रमाण पत्र जल्द बनवाने के लिए परेशान रहते हैं. कर्मियों की कमी के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है.

10 दिन से प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे राहुल

डंडारकला के राहुल कुमार ने बताया कि उन्होंने 10 दिन पूर्व आवेदन जमा किया है, लेकिन अब तक प्रमाण पत्र नहीं बन सका है. इसी तरह पांकी पूर्वी की अंजली कुमारी पांच दिन से और केल्हवा गांव के अब्दुल मतीन तीन दिनों से स्थानीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटक रहे हैं.

एसआइआर के तहत आवश्यक दस्तावेज जुटाने की समय सीमा के बीच प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालय में लोगों की बढ़ती भीड़ और कर्मचारियों की कमी से परेशानी और बढ़ गयी है.

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लेखक के बारे में

By चंद्रशेखर सिंह

चंद्रशेखर सिंह प्रभात खबर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने लंबे समय से पत्रकारिता करियर में क्राइम, सामाजिक मुद्दों और राजनीति से जुड़े विषयों पर व्यापक रूप से काम किया है. मेदिनीनगर (पलामू) में जमीनी स्तर की पत्रकारिता में इनकी खास पकड़ रही है. समाज से जुड़े महत्वपूर्ण और अनदेखे मुद्दों को सामने लाने, आम लोगों की समस्याओं को आवाज देने और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के लिए वह जाने जाते हैं. अपराध और राजनीति से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक बदलाव और जनहित के मुद्दों पर भी लगातार काम किया है. क्राइम रिपोर्टिंग, सामाजिक सरोकार और राजनीतिक पत्रकारिता उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं. तीन दशकों के अनुभव के दौरान उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य और पत्रकारिता के तौर-तरीकों को करीब से देखा और समझा है. उनकी पत्रकारिता में जमीनी अनुभव, सामाजिक मुद्दों की समझ और तथ्यपरक रिपोर्टिंग को विशेष महत्व मिलता है.

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