वित्त मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक अनदेखी से नाराज कांग्रेसी नेताओं में उबाल, कहा - अप्रिय घटना हुई तो डीजीपी होंगे जिम्मेदार

झारखंड के वित्त मंत्री की सुरक्षा हटाए जाने से कांग्रेस नाराज, डीजीपी को दी चेतावनी, सुरक्षा बहाल न होने पर आंदोलन की दी धमकी।

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को हटाये जाने के फैसले के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रशासनिक अनदेखी और सुरक्षा प्रोटोकॉल में विफलता से नाराज होकर अपनी वाई श्रेणी की पूरी सरकारी सुरक्षा और वाहन वापस लौटा दिये हैं. उन्होंने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि उन्हें अपनी जान की नहीं, बल्कि उनके साथ चलने वाले सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा की चिंता है.उन्होंने साफ किया कि आत्मसम्मान और गरिमा से बढ़कर उनके लिए कोई सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं है.सुरक्षा लौटाने के बाद वे सार्वजनिक कार्यक्रमों, प्रोजेक्ट भवन (सचिवालय) और इवनिंग वॉक पर बिना सुरक्षाकर्मियों के अकेले ही निकल रहे हैं. मंत्री ने 16 सुरक्षाकर्मियों के सुरक्षित आवागमन के लिए पुलिस मुख्यालय से एक अतिरिक्त वाहन का अनुरोध किया था. इस मामले को लेकर गुरुवार को मेदिनीनगर परिसदन में वीर बाबा चौहरमल कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार पासवान और छतरपुर विधानसभा के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई. नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा व्यवस्था बहाल नहीं की गयी, तो बड़ा जन आंदोलन छेड़ा जायेगा.

उग्रवादियों के निशाने पर हैं मंत्री

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि राधाकृष्ण किशोर हमेशा से उग्रवादियों के निशाने पर रहे हैं. छतरपुर विधानसभा क्षेत्र घोर उग्रवाद प्रभावित इलाका है. क्षेत्र के विधायक और मंत्री होने के नाते उन्हें लगातार जंगली और संवेदनशील इलाकों में भ्रमण करना पड़ता है. ऐसी स्थिति में सुरक्षा हटाना उनके जीवन को खतरे में डालने जैसा है. नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी सारी जवाबदेही सीधे राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की होगी.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से संज्ञान लेने की मांग

नेताओं ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री द्वारा इस संबंध में खुद डीजीपी को पत्र लिखा गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है. डीजीपी का यह रवैया पूरी तरह तानाशाही से प्रेरित लगता है. कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि राज्य के मुखिया हेमंत सोरेन को इस बेहद संवेदनशील मामले में खुद हस्तक्षेप करना चाहिए और इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश देना चाहिए.

सड़क से सदन तक आंदोलन की दी चेतावनी

पलामू जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष अखिलेश पासवान ने कहा कि फिलहाल मीडिया के माध्यम से सरकार और प्रशासन को इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया जा रहा है. अगर इसके बाद भी सुस्ती दिखाई गयी और सुरक्षा वापस नहीं मिली, तो पार्टी आंदोलन का रुख अख्तियार करने को मजबूर होगी. यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी. वहीं कांग्रेसी कार्यकर्ता अशोक सोनी ने कहा कि राधाकृष्ण किशोर ने हमेशा साफ-सुथरी और स्वच्छ राजनीति की है. वह सिर्फ पलामू के ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की बुलंद आवाज हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में इनकी रही उपस्थिति

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से अजय पासवान, अशोक पासवान, राजकमल तिवारी, विवेक कुमार, सुधीर पासवान, जयशंकर प्रसाद, दीपक पासवान, रविंद्र कुमार, कमलेश दुबे समेत भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे.


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लेखक के बारे में

Author: Chandra shekhar singh

Published by: Priya Gupta

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