सिंचाई नहर की जमीन पर पक्का निर्माण, शिकायत के बावजूद प्रशासन मौन

वार्ड आठ के बारालोटा त्रिपाठी कॉलोनी के पास अतिक्रमण

वार्ड आठ के बारालोटा त्रिपाठी कॉलोनी के पास अतिक्रमण प्रतिनिधि, मेदिनीनगर गर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या आठ अंतर्गत बारालोटा त्रिपाठी कॉलोनी के पास सिंचाई नहर की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कराये जाने का मामला सामने आया है. सरकारी भूमि को अतिक्रमण से बचाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने पलामू डीसी समीरा एस, डीडीसी सह प्रभारी नगर आयुक्त एवं जलपथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को आवेदन दिया है. बावजूद इसके अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है. स्थानीय निवासी लालबाबू सिंह, विक्रम सिंह, सुनील गुप्ता, ध्रुव नारायण पांडेय, सुनील पांडेय, प्रदीप पंडित, अमरेश सिंह, मनीष व जयप्रकाश पांडेय ने अधिकारियों को दिये गये आवेदन में बताया है कि प्रमोद गुप्ता द्वारा नहर की जमीन पर पक्का निर्माण कराया जा रहा है. प्रारंभिक दौर में नहर की जमीन पर पिलर का फाउंडेशन किया गया, जिसकी शिकायत नगर आयुक्त से की गयी थी. शिकायत के बाद सिटी मैनेजर दिलीप कुमार ने स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य रोकने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद काम जारी रहा. इसके बाद सहायक नगर आयुक्त व डीसी को दोबारा शिकायत दी गयी, फिर भी अब तक कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हो सकी है. आवेदन में लोगों ने आरोप लगाया है कि निगम के सिटी मैनेजर की मिलीभगत से निर्माण कार्य धड़ल्ले से कराया जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रमोद गुप्ता द्वारा उन्हें धमकी भी दी जा रही है. प्रशासनिक उदासीनता के कारण रात में भी निर्माण कार्य कराया जा रहा है. गौरतलब है कि यह सिंचाई नहर बैरिया से पांकी रोड रेडमा मुख्य मार्ग को जोड़ती है. बैरिया, निमियां व हाउसिंग कॉलोनी के सैकड़ों लोगों का आना-जाना इसी रास्ते से होता है. ट्रैफिक जाम से बचने के लिए भी लोग नहर की जमीन को रास्ते के रूप में उपयोग करते हैं, जिससे यह आम नागरिकों के लिए एक सुविधाजनक मार्ग है. स्थानीय लोगों ने डीसी व जलपथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से अविलंब कार्रवाई कर नहर की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है. जेइ ने निरीक्षण में पाया अतिक्रमण स्थानीय लोगों की शिकायत पर जलपथ प्रमंडल के कनीय अभियंता हृदयानंद ने स्थल निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने नहर की जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण कराये जाने की पुष्टि की. इस संबंध में उन्होंने नगर निगम के सिटी मैनेजर दिलीप कुमार से बातचीत की. सिटी मैनेजर ने बताया कि प्रमोद गुप्ता को नोटिस दिया गया है और अमीन से जमीन की मापी कराने की बात कही गयी है. जेई ने कहा कि इस पूरे मामले में निगम के सिटी मैनेजर की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है. जलपथ प्रमंडल अपने स्तर से जमीन की मापी करायेगा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जायेगी.

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By Akarsh Aniket

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