भूमि अधिग्रहण के बाद भी नहीं मिला मुआवजा

पांकी अमानत बराज से कैनाल निकाला जाना है. कुछ हद तक कैनाल का कार्य भी हो चुका है. इसके लिए भूमि का अधिग्रहण भी किया गया है.

पाटन. पांकी अमानत बराज से कैनाल निकाला जाना है. कुछ हद तक कैनाल का कार्य भी हो चुका है. इसके लिए भूमि का अधिग्रहण भी किया गया है. लेकिन भू-अर्जन विभाग द्वारा मुआवजा देने अनियमितता बरती जा रही है. उक्त आरोप किशुनपुर के भूमि मालिक मुरारी प्रसाद गुप्ता द्वारा लगाया गया है. उन्होंने बताया कि अमानत बराज से नहर का बनकुड़वा वितरणी निकाला जाना है. जो इमली गांव से होकर गुजरेगी. जिसमें उनकी भूमि भी जा रही है. लेकिन वे भुअर्जन विभाग मेदिनीनगर से रांची कार्यालय तक चक्कर लगा कर थक चुके हैं. उन्हें अभी तक मुआवजा की राशि नहीं मिल सकी है. इतना ही नहीं, दी जा रही मुआवजे की राशि देने में भी अनियमितता बरती जा रही है. सरकारी प्रावधान के मुताबिक नहीं दी जा रही है. इमली गांव की भूमि को 2808 रुपये प्रति डिसमिल तय की गयी है. जिसका चार गुणा राशि देने का प्रावधान किया गया है. परंतु ऐसा नहीं किया जा रहा है. इसी प्रकार राजहरा में सिर्फ 1906 रुपये प्रति डिसमिल ही भुगतान किया गया है. उन्होंने बताया की पेड़, कुआं, घर का भी अभी तक मुआवजा की राशि नहीं दी गयी है.

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