मेदिनीनगर. झारखंड राज्य के नये वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को लेकर प्रभात खबर ने परिचर्चा का आयोजन किया. गुरुवार को शहर के अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी के कार्यालय में आयोजित परिचर्चा में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया. अल्पसंख्यकों ने कहा कि झारखंड के सर्वांगीण विकास व सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रख कर राज्य सरकार बजट बनाये. बजट में उद्योग, व्यवसाय, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य व कृषि के विकास, किसान, मजदूरों और व्यवसायियों के हितों को विशेष प्राथमिकता दी जाये. अंजुमन के जिला सदर मुस्तफा कमाल ने कहा कि किसी भी राज्य का विकास उद्यमियों, व्यवसायियों व किसानों की खुशहाली पर निर्भर करता है. राज्य सरकार इन बिंदुओं को ध्यान में रख कर बजट में प्रावधान करे. मनोज पहाड़िया ने उद्योग-धंधों व व्यवसाय के विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया. सरदार राजिंदर सिंह बंटी ने शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने व निजी शिक्षण संस्थान की मनमानी पर रोक लगाने की जरूरत बतायी. डा मकबूल मंजर ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने, शिक्षकों की नियुक्ति, संबद्ध शिक्षण संस्थानों के सरकारीकरण का प्रावधान किया जाना चाहिए. कय्यूम रूमानी ने मदरसा बोर्ड के गठन, उर्दू एकेडमी की स्थापना व अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के प्रावधान की जरूरत बतायी. कमाल खान ने पलामू सहित अन्य जिलों में खनिज व कृषि उपज आधारित उद्योग लगाकर पलायन रोकने पर जोर दिया. मोहम्मद कलाम ने कहा कि राज्य सरकार गरीब मजदूरों को रोजगार देने, महंगाई पर रोक लगाने का प्रावधान करे. सरदार चनप्रीत सिंह जॉनी, अमित जैन, नसीम खान, हाजी शमीम उर्फ ललन, अहमद जमा खान, अकबर कुरैशी, शाहिद खान, मुखिया इमरान रिजवी, अहमद कुरैशी, इकबाल कुरैशी ने किसानों की दशा सुधारने और कृषि के विकास पर भी बजट में विशेष ध्यान पर जोर दिया.
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