पलामू के हुसैनाबाद में बीडीओ और थाना प्रभारी ने लॉकडाउन का सख्ती से कराया पालन

हुसैनाबाद (पलामू) : झारखंड में लॉकडाउन के पहले दिन लोगों की मनमानी को देखते हुए पलामू जिला के हुसैनाबाद प्रखंड में प्रशासन को सख्त रुख अपनाया है. प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और थाना प्रभारी शहर में घूम-घूम कर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सवारी वाहनों को बंद करवा रहे हैं. लोगों से कहा जा रहा है कि जानलेवा कोरोना वायरस को हराने के लिए लोग प्रशासन का सहयोग करें. सरकारी आदेश का पालन करें.

हुसैनाबाद (पलामू) : झारखंड में लॉकडाउन के पहले दिन लोगों की मनमानी को देखते हुए पलामू जिला के हुसैनाबाद प्रखंड में प्रशासन को सख्त रुख अपनाया है. प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और थाना प्रभारी शहर में घूम-घूम कर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सवारी वाहनों को बंद करवा रहे हैं. लोगों से कहा जा रहा है कि जानलेवा कोरोना वायरस को हराने के लिए लोग प्रशासन का सहयोग करें. सरकारी आदेश का पालन करें.

जनता कर्फ्यू के बाद पलामू सहित पूरे झारखंड में लॉकडाउन का आदेश रविवार (22 मार्च, 2020) की रात को जारी किया गया था. आदेश का अनुपालन कराने को लेकर हुसैनाबाद प्रखंड विकास पदाधिकारी जय बिरस लकड़ा व थाना प्रभारी राजदेव प्रसाद ने हुसैनाबाद शहर के सभी चौक-चैराहों का भ्रमण किया.

इस दौरान जितने भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले थे, उन्हें बंद करवा दिया. छोटे-बड़े सवारी वाहनों से भी कहा गया कि वे सड़कों पर न चलें. अपनी सेवाएं बंद रखें, ताकि लोगों का कहीं भी आना-जाना न हो. लोगों का एक-दूसरे से मिलने का चेन टूटेगा, तभी कोरोना को हम हरा पायेंगे.

साथ ही उन्होंने लोगों से बाजार में भीड़ नहीं लगाने और अपने-अपने घरों में रहने का निर्देश दिया. अनुमंडल प्रशासन की ओर से भी शहर में ध्वनि विस्तारक यंत्र से दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के बावजूद सोमवार को यात्रियों से खचाखच भारी बस बिहार के डेहरी ऑन सोन से हैदरनगर मोहम्मदगंज पहुंची. बस में अधिकतर लोग अन्य राज्यों से मजदूरी करके लौटे हैं. डेहरी ऑन सोन से मोहम्मदगंज तक 5 थाना पड़ता है.

न तो बिहार में, न ही झारखंड में बस पर सवार लोगों के संबंध में किसी ने जानना चाहा कि वे कौन हैं और कहां से आ रहे हैं. इसके अलावा डेहरी ऑन सोन से विभिन्न गांवों में ऑटो पर सवार होकर लोग पहुंचे हैं. न ही बस को राज्य की सीमा पार करने से किसी राज्य ने रोकना जरूरी समझा.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि पूरे प्रदेश में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ रही हैं. लॉकडाउन के सरकारी आदेश के बावजूद लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं. वाहनों की आवाजाही बाकायदा जारी है. इससे कोरोना वायरस के फैलने का खतरा बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे स्व-अनुशासन का परिचय दें और कोरोना को भारत में हरायें.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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