पाटन कस्तूरबा विद्यालय की लेखापाल ने फांसी लगा कर आत्महत्या की

थाना क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के लेखापाल प्रियंका कुमारी ने पंखा में दुपट्टा का फंदा लगा कर खुदकुशी कर ली.

पाटन. थाना क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के लेखापाल प्रियंका कुमारी ने पंखा में दुपट्टा का फंदा लगा कर खुदकुशी कर ली. यह घटना बुधवार को करीब 11 बजे की है. जानकारी के मुताबिक वह चैनपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर में रहती थी. प्रतिदिन वह विद्यालय आती थी. बुधवार को वह विद्यालय पहुंची और बायोमेट्रिक सिस्टम से अपना हाजिरी बनायी. इसके बाद वह विद्यालय स्थित अपने आवास में चली गयी. बताया जाता है कि उसने कमरे का दरवाजा व खिड़की बंद कर ली थी. घटना का खुलासा तब हुआ जब लेखापाल प्रियंका कुमारी ने अपने पति का फाेन कॉल रिसिव नहीं किया. इससे परेशान उसके पति ने ड्यटी कर रहे सुरक्षा गार्ड से लेखापाल के बारे में जानकारी हासिल की. जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी विद्यालय आयी है और उसका फोन रीसिव नहीं कर रही है, तो उसने सुरक्षा गार्ड को भेजा और बात कराने के लिए कहा. जब सुरक्षा गार्ड लेखापाल के आवास में गया तो देखा की खिड़की दरवाजा बंद है. आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिल रहा है. अनहोनी की आशंका होने पर विद्यालय की अन्य शिक्षिकाओं को सुरक्षा गार्ड ने इसकी जानकारी दी. इसके बाद विद्यालय की शिक्षिका व सुरक्षा गार्ड ने मिल कर आवास में लगे लोहे की खिड़की को तोड़ा. इसके बाद उनलोगों ने जो नजारा देखा, तो उनके होश उड़ गये. लेखापाल प्रियंका फंदे से झूल रही थी. घटना की जानकारी वार्डन ने वरीय पदाधिकारी व पाटन थाना को दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंची और फंदे से लेखापाल प्रियंका को उतारा. मेडिकल टीम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा श्रवण मेहता, डा कृष्ण कुमार, बीपीएम शशिकांत कुमार, नेत्र सहायक चंदन कुमार पहुंचे. जांच में पाया गया कि उसकी सांसे चल रही है. इसके बाद उसे आनन-फानन में मेदिनीनगर एमएमसीएच में भर्ती कराया. चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलने के बाद पलामू डीइओ सौरव प्रकाश, डीएसइ संदीप कुमार पाटन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पहुंचे. डीइओ ने घटना की जानकारी ली. उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है. मालूम हो कि दो दिन पूर्व प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी हरिप्रसाद ने लेखापाल प्रियंका से स्पष्टीकरण मांगा था. पाटन पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया लेखापाल की आत्महत्या का कारण वार्डन की प्रताड़ना प्रतीत हो रहा है. वैसे पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. इधर प्रखंड प्रमुख शोभा देवी, जिला परिषद सदस्य जयशंकर सिंह उर्फ संग्राम सिंह ने घटना को दुखद बताया. कहा कि इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए.

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