प्रतिनिधि : सतबरवा : सतबरवा और आसपास के इलाकों में रंगों का त्योहार इस बार भी उत्साह और परंपरा के साथ मनाया गया. छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरे क्षेत्र में शांति बनी रही. गुरुवार को कई गांवों में पुरानी परंपरा के अनुसार बुढ़फाग का आयोजन हुआ. लोहरा पोखरी समेत कई गांवों में दूल्हे के साथ बारात निकली और ग्रामीणों ने उसे गालियों से स्वागत कर आशीर्वाद दिया. बुजुर्गों का कहना है कि यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी लोग इसे निभा रहे हैं. उनका मानना है कि यह रस्म आपसी भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा देती है. इससे पहले सोमवार की रात को लोक परंपरा के अनुसार होलिका दहन हुआ. यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और सामूहिकता को मजबूत करता है. बुधवार को होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. लोग ढोलक, झाल और मजीरा की थाप पर गीत गाते हुए सामाजिक परंपरा को जीवित रखते दिखे. अबीर-गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया गया. कई गांवों में कपड़ा फाड़ होली देखने को मिली, जहां लोग रंगों के साथ कपड़े फाड़कर उत्सव का आनंद लेते हैं. थाना प्रभारी विश्वनाथ कुमार राणा ने बताया कि छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरे क्षेत्र में होली शांतिपूर्वक संपन्न हुई. यह दर्शाता है कि लोग परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाए रखते हुए त्योहार का आनंद ले रहे हैं.
बुढ़फाग पर निकाली गयी बारात, ग्रामीणों ने गालियों के साथ किया दूल्हे का स्वागत
बुढ़फाग पर निकाली गयी बारात, ग्रामीणों ने गालियों के साथ किया दूल्हे का स्वागत
