पूर्वजों के सांस्कृतिक विरासत को बचाने का संकल्प

आह्वान. शिवाजी मैदान में आदिवासी मूलवासियों का हुआ जुटान

आह्वान. शिवाजी मैदान में आदिवासी मूलवासियों का हुआ जुटान

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

आदिवासी मूलवासियों ने झारखंड राज्य का 25 वा स्थापना दिवस व भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनायी. इस अवसर पर शनिवार को संविधान बचाओ मोर्चा के बैनर तले कार्यक्रम हुआ. शहर के शिवाजी मैदान से शोभायात्रा निकाली गयी. सुसज्जित वाहन पर राजा मेदिनीराय की प्रतिमा विराजमान किया गया. शोभायात्रा में आदिवासी मूलवासियों ने काफी संख्या में हिस्सा लिया. पारंपरिक वेशभूषा में शामिल महिला पुरुष मांदर की थाप पर थिरक रहे थे. शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए आदिवासी-मूलवासी महिला, पुरूष स्थानीय स्टेशन रोड पहुंचे. लोगों ने धरती आबा बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. साथ ही उनके सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प लिया. इसके बाद शोभायात्रा वापस कार्यक्रम स्थल पहुंचा और सभा मे तब्दील हो गया. सभा की अध्यक्षता संविधान बचाओ मोर्चा के संयोजक मंडल सदस्य रवि पाल, दिलकेश्वर कुशवाहा,त्रिपुरारी सिंह चेरो,कामेश सिंह चेरो,चंद्रधन महतो, बृजनंदन महतो ,शशि रंजन भारती, अनुराग भारती ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम का संचालन सुनील उरांव, सुरेंद्र सिंह चेरो व आशुतोष सिंह चेरो ने संयुक्त रूप से किया. मुख्य अतिथि राष्ट्रीय चेरो जनजातीय महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ बीरेंद्र सिंह चेरो ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा व विकास में आदिवासी मूलवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. लेकिन सरकार उनकी दशा सुधारने के प्रति गंभीर नहीं है. सभ्यता,संस्कृति व भाषा आदिवासी मूलवासियों की पहचान है. अपने पूर्वजों की सांस्कृतिक विरासत को बचाने व उनके मान सम्मान के लिए संघर्ष तेज करने की जरूरत है. मुख्य वक्ता संत मरियम स्कूल के चेयरमैन अविनाश देव ने कहा कि पूर्वजों ने जल जंगल व जमीन की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी. अंग्रेजों की गुलामी की जंजीर तोड़ने के लिए उलगुलान किया. विशिष्ट अतिथि अजय सिंह चेरो,सेवानिवृत डीएसपी रामलाल राम, प्रखंड प्रमुख बसंती उरांव, उप प्रमुख शीतल सिंह चेरो, अर्जुन सिंह,अवधेश सिंह, केदार सिंह खरवार,सुषमा बौद्ध, सुरेंद्र सिंह खरवार, जानकी सिंह खरवार, विंदेश्वरी उरांव, पंकज सिंह, रामराज सिंह चेरो, मुखदेव उरांव, मिथलेश उरांव, शंकर उरांव, अजित मुंडा व नीलांबर पीतांबर के वंशजों ने विचार व्यक्त किया. उन्होंने कहा है झारखंड आदिवासी मूलवासी वीर नायकों की धरती है. उनके त्याग व बलिदान की बदौलत ही भारत आजाद हुआ. उनके मान सम्मान और विरासत की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है. कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा,नीलांबर पीतांबर के सपनों का झारखंड बनाने और अपने अधिकार के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया.कार्यक्रम को सफल बनाने में संविधान बचाओ मोर्चा के घटक संगठनों के लोग सक्रिय रहे.

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