जिले में 23 मत्स्य पालकों को मिला पक्का घर

परंपरागत मछुआरों को प्राथमिकता, प्रत्येक लाभुक को मिलेंगे 1.91 लाख रुपये

परंपरागत मछुआरों को प्राथमिकता, प्रत्येक लाभुक को मिलेंगे 1.91 लाख रुपये वेदव्यास आवास योजना प्रतिनिधि, मेदिनीनगर. जिले में परंपरागत मत्स्य पालकों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है. वेदव्यास आवास योजना के तहत जिले के 23 पात्र लाभुकों को आवास की स्वीकृति दी गयी है, जिससे गरीब व जरूरतमंद मछुआरा परिवारों को राहत मिलेगी.वेदव्यास आवास योजना के अंतर्गत जिला मत्स्य विभाग की ओर से उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 23 लाभुकों को आवास की स्वीकृति प्रदान की गयी. यह आवास उन लोगों को दिया गया है, जो परंपरागत रूप से मत्स्य पालन, मत्स्य बीज उत्पादन अथवा मत्स्य बिक्री से जुड़े हैं. योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले, कच्ची मिट्टी अथवा फूस के मकानों में रहने वाले मत्स्य पालकों को प्राथमिकता दी गयी है. सरकारी प्रावधान के अनुसार दिव्यांग लाभुकों के लिए तीन प्रतिशत और महिलाओं के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है. आवास निर्माण के लिए प्रत्येक लाभुक को 1 लाख 91 हजार 200 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी. स्वीकृत आवास पाने वालों में पांकी प्रखंड से आनंद मोहन दिवाकर, अरविंद प्रजापति, सतीश कुमार सिंह, रूबी देवी व प्रवीण कुमार सिंह शामिल हैं. वहीं तरहसी से प्रतिरोध ज्वाला व नीरज कुमार, चैनपुर से इलियास हुसैन, काजल देवी, वीरेंद्र चौधरी, विवेक कुमार चौधरी, शारदा देवी, रानी देवी, जगजीवन राम व जितेंद्र कुमार, मेदिनीनगर से यासमीन खातून व मीना देवी को आवास आवंटित किया गया है. इसके अलावा नावाबाजार के अखिलेश यादव, हुसैनाबाद के सोनू अंसारी, मोहम्मदगंज के रविशंकर तिवारी व सुनील कुमार चौधरी तथा पाटन प्रखंड के संतोष मांझी व रीमा देवी को भी योजना का लाभ मिला है.

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Author: DEEPAK

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