Jharkhand: पलामू का एक ऐसा गांव जहां कोई भी 50 साल से ज्यादा नहीं जी पाता, जानिए क्यों

पलामू: झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी तेज है. झारखंड विधानसभा चुनाव के अंतर्गत पहले चरण के लिए 30 नवंबर को मतदान होना है. तमाम राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने चुनावी दावों और वादों के साथ जनता को लुभाने की कोशिशों में लगी है. इसी बीच जमीन से जुड़ी ऐसी खबर सामने आयी है जो आपको सोचने पर मजबूर […]

पलामू: झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी तेज है. झारखंड विधानसभा चुनाव के अंतर्गत पहले चरण के लिए 30 नवंबर को मतदान होना है. तमाम राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने चुनावी दावों और वादों के साथ जनता को लुभाने की कोशिशों में लगी है. इसी बीच जमीन से जुड़ी ऐसी खबर सामने आयी है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी. आईए जानते हैं कि मामला क्या है?

पीने का पानी में है फ्लोराइड की मात्रा

झारखंड में पलामू जिला स्थित चूकरू गांव के स्थानीय लोगों का दावा है कि गांव में पीने के पानी में फ्लोराइड की मात्रा बहुत ज्यादा है जिसकी वजह से लोगों में शारीरिक अक्षमता बढ़ रही है. इस गांव के ज्यादातर लोग दिव्यांग हैं. ग्रामीण, राजेश्वर पाल कहते हैं कि दूषित पानी हमारी हड्डियों और दांतों को नुकसान पहुंचा रहा है. अब तक गांव के कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं.

दिव्यांगता का सामना कर रहा है गांव

गांव के रहने वाले 69 वर्षीय बुजुर्ग राजेश्वर पाल कहते हैं कि हम बीते 25 सालों से इस समस्या का सामना कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि हमारे गांव में लोगों की अकाल मृत्यु आम बात हो गयी है. राजेश्वर पाल का कहना है कि गांव में कोई भी व्यक्ति 50 साल से ऊपर का नहीं है. उन्होंने कहा कि केवल मैं ही हूं जिसने 69 साल की जिंदगी पाई है.

राजेश्वर पाल का कहना है कि सरकार तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें गांव छोड़ने का सुझाव दिया था लेकिन सभी लोग विकलांग हैं. आखिरकार हम कहां जाएं?

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