छोटे शहर में रहकर भी साकार हो सकते हैं बड़े सपने : दीप ज्योति

मेदिनीनगर : पलामू की बेटी दीप ज्योति ने कौन बनेगा करोड़पति में अपने प्रतिभा का जलवा दिखाया है. मंगलवार की शो में दीप ज्योति 12 लाख 50 हजार रुपये जीत कर 25 लाख रुपये के सवाल वाले पायदान पर पहुंच गयी है. सोनी चैनल के प्रोमो में दिखाया जा रहा है कि दीप ज्योति 50 […]

मेदिनीनगर : पलामू की बेटी दीप ज्योति ने कौन बनेगा करोड़पति में अपने प्रतिभा का जलवा दिखाया है. मंगलवार की शो में दीप ज्योति 12 लाख 50 हजार रुपये जीत कर 25 लाख रुपये के सवाल वाले पायदान पर पहुंच गयी है. सोनी चैनल के प्रोमो में दिखाया जा रहा है कि दीप ज्योति 50 लाख रुपये के 14 वें प्रश्न में पहुंच चुकी है. लेकिन उसने पुरस्कार में कितनी धन राशि जीती है, इसका पता बुधवार को शो के बाद ही चल पायेगा.

मेदिनीनगर की मुख्य सब्जी मार्केट के पास रहने वाली दीप ज्योति शहर के ब्राइट लैंड स्कूल में बतौर टीचर अपनी सेवा दे रही है. दीप ज्योति ने बुधवार को केबीसी से जुड़े अपने अनुभव को प्रभात खबर के साथ साझा किया. कहा कि छोटे शहर में रहकर भी बड़े सपने साकार हो सकते है. कभी भी अपने मन के अंदर हीन भावना नहीं लाना चाहिए और ना ही यह सोचना चाहिए कि सफलता किसी स्थान विशेष की मोहताज है.
सफलता के लिए यह जरूरी है कि पूरे ईमानदारी के साथ मेहनत किया जाये. दीप ज्योति ने बताया कि सबसे पहले वह मोबाइल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर केबीसी से जुड़ी. उसके बाद वह डेली क्विज में शामिल होने लगी. इसके बाद उसका चयन हुआ. सबसे पहले टेलीफोनिक इंटरव्यू हुआ, जिसमें उसका चयन हुआ. उसके बाद ऑडिशन के लिए पटना बुलाया गया. अॉडिशन के बाद यह कहा गया कि यदि चयन हो जायेगा, तो इसकी सूचना मिलेगी. उसके बाद मुंबई से कॉल आया, जिसमें यह बताया गया कि सेलेक्शन कर लिया गया है. क्रिएटिव टीम मेदिनीनगर में जाकर बीडीओ तैयार करेगी.
18 से 28 सितंबर तक वह मुंबई में रही जिस दौरान पूरे प्रोग्राम को सूट किया गया. दीप ज्योति का कहना है कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से मिलना एक सपने जैसा था. अमिताभ बच्चन काफी अात्मियता से मिले.जीवन के संघर्ष के बारे में जान कर कहा कि कम उम्र में भी आप अंदर से मजबूत हो. निश्चित तौर पर आगे बढ़ोगी. दीप ज्योति का कहना है कि उसका लक्ष्य आइएएस बनना है. जो धन राशि उसने केबीसी में जीता है, उसे वह यूपीएससी की तैयारी में लगायेगी, ताकि वह अपने लक्ष्य को पूरा कर सके. केबीसी की सफलता उसे प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में मजबूती प्रदान करेगा. दीप ज्योति का कहना है कि कभी भी जीवन में निराश नहीं होना चाहिए.
विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष करना चाहिए. उनलोगों की जो पारिवारिक स्थिति थी. जिस तरह मां गीता देवी ने संघर्ष कर पढ़ाया – लिखाया, वही आत्मबल बढ़ाता है. यदि उसकी मां भी निराश हो जाती, तो आज वह इस मुकाम पर नहीं पहुंचती. क्योंकि 2005 में ही उनके पिता विजय गुप्ता बिना कुछ बताये घर से चले गये थे. आज तक नहीं लौटे. 2013 में भाई की हत्या हो गयी. मां ने विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष करने की प्रेरणा दी और वह मां की इस प्रेरणा से इस मुकाम तक पहुंची है. वहीं दीप ज्योति ने मनोबल बढ़ाने में ब्राइट लैंड स्कूल के निदेशक रागिनी राय के प्रयासों की भी सराहना की. कहा कि हमेशा मैम ने मनोबल को बढ़ाया.
भर आयी मां की आंखें : दीप ज्योति की मां गीता देवी की आंखें भर आयी. कहा सोचा नहीं था कि बेटी इस मुकाम तक पहुंचेगी. क्योंकि जिस संघर्ष में वह बच्चों का पालन -पोषण कर रही थी. लगता नहीं था कि ऐसा कुछ हो पायेगा. लेकिन मेरे साथ दीप ज्योति के मामा (मेरे भाई) ने भी मदद की. विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्षकरती रही. आज बेटी ने नाम रोशन कर यह बता दिया कि बेटियां भी किसी से कम नहीं.
मदद के लिए बढ़ रहे है लोग
दीप ज्योति की सफलता ने पलामू की नकारात्मक छवि को बदलने का काम किया है. दीप ज्योति की इस सफलता पर जहां उसके घर जाकर लोग बधाई दे रहे हैं. वहीं कई लोग इस परिवार के मदद के लिए आगे आ रहे हैं. आधुनिक टेंट हाउस के मालिक गगन कुमार ने दीप ज्योति की बड़ी बहन दीपशिखा की शादी में टेंट की व्यवस्था नि:शुल्क देने की बात कही है. वही सामाजिक कार्यकर्ता शर्मिला सुमी सहित कई लोगों ने दीप ज्योति के घर जाकर उसका मनोबल बढ़ाया.

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