रमकंडा : माओवादियों द्वारा किये गये सीरियल विस्फोट में रमकंडा थाना क्षेत्र के सूली गांव निवासी झारखंड जगुआर का जवान अजीत ओड़या शहीद हो गया. शहीद जवान अपने पीछे एक तीन वर्षीय पुत्र भैयाराम ओड़या, पत्नी अनिता टूटी, दो भाई व माता-पिता को छोड़ गया. जानकारी के अनुसार, बुधवार की सुबह शहीद जवान के बटालियन के ही अन्य सहयोगियों ने घटना की सूचना जैसे ही पैतृक गांव में परिजनों को दिया, उनमें चीत्कार मच गया. इसके साथ ही पुलिस गांव पहुंचकर शहीद जवान के पिता भैयाराम ओड़या व बड़े भाई मनीकरम ओड़या को अपने साथ ले गयी. शहीद अजीत ओड़ेया अपने गांव स्थित मिशन स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद गरीबी को झेलते हुए मध्य विद्यालय पटसर से आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद भंडरिया से मैट्रिक पास किया था.
वहीं वर्ष 2012 में झारखंड जगुआर में बहाल हुआ था. परिजनों ने बताया कि पिछले 17 जून को अजीत घर आया था. इस दौरान घर में अपने परिजनों के साथ रातभर रुकने के बाद दूसरे दिन 18 जून को अचानक ड्यूटी पर जाने की बात कहकर चला गया था. शहीद जवान की बहन सोमबरी ओड़या ने बताया कि उसके भाई ने उससे कहा था कि छुट्टी मिलने पर पुनः ज्यादा दिनों के लिये घर लौटेगा. लेकिन किसे पता था कि अजीत अब दुबारा घर जब लौटेगा, तो उसका शरीर तिरंगे में लपटा हुआ होगा.
