-जिले में 1111 बूथों पर चलेगा अभियान, 268 सुपरवाइजर करेंगे निगरानी नगर प्रतिनिधि, पाकुड़ समाहरणालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स (पल्स पोलियो अभियान) की बैठक आयोजित की गई. बैठक में 28 जून से शुरू होने वाले तीन दिवसीय उप-राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये. बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने अभियान की तैयारियों, माइक्रोप्लान, बूथ प्रबंधन, मानव संसाधन एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी. उपायुक्त ने कहा कि पोलियो उन्मूलन के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह सुनिश्चित किया जाए कि पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे. उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को वैक्सीनेटरों एवं संबंधित कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा 15 जून तक माइक्रोप्लान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. डीसी ने कहा कि अभियान के पहले दिन 28 जून को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, सदर अस्पताल एवं निर्धारित बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी. इसके बाद 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्यकर्मी, सहिया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलायेंगे. अभियान के तहत जिले में 1111 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे तथा उनकी निगरानी के लिए 268 सुपरवाइजर तैनात रहेंगे. इस दौरान 1,89,475 बच्चों को पोलियो की खुराक देकर प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
28 जून से शुरू होगा अभियान, 1.89 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक
पाकुड़ जिले में 28 जून से तीन दिवसीय उप-राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान शुरू होगा। जिले में 1111 बूथ स्थापित कर 1, 89, 475 बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। अभियान के दौरान 268 सुपरवाइजरों द्वारा निगरानी की जाएगी। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने सभी अधिकारियों को गुणवत्ता प्रशिक्षण, नियमित मॉनिटरिंग और 15 जून तक माइक्रोप्लान देने के निर्देश दिए। पोलियो उन्मूलन के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है, और पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को खुराक पिलाना अनिवार्य होगा।
