लिट्टीपाड़ा: लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र की बीचामहल पंचायत के झेनागढ़िया गांव में पिछले सप्ताह हुए दोहरे हत्याकांड के बाद बेसहारा तीन मासूम बच्चों की मदद के लिए उम्मीद फाउंडेशन आगे आया है. घटना में बच्चों की मां और नानी की हत्या के बाद तीनों बच्चों के सिर से मां और नानी का साया उठ गया है.
गांव पहुंचकर परिजनों से की मुलाकात, दी आर्थिक सहायता
उम्मीद फाउंडेशन के सदस्यों ने झेनागढ़िया गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने बच्चों की देखभाल कर रही उनकी मौसी से मुलाकात कर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. इसके साथ ही बच्चों के तत्काल भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करायी.
पांच साल से भी कम उम्र के हैं तीनों बच्चे
फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि तीनों बच्चों की उम्र महज पांच वर्ष, तीन वर्ष और आठ माह है. इतनी कम उम्र में मां और नानी को खोने के बाद बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य को लेकर परिवार के सामने गंभीर चुनौती है.
संस्था ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल तत्काल राहत उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लगातार सहयोग करना है.
सरकारी योजनाओं से जोड़ने की होगी पहल
उम्मीद फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि तीनों बच्चों को अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के लिए सरकार की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा. इसके लिए जरूरी सरकारी कागजी प्रक्रिया पूरी कराने में भी परिवार की सहायता की जाएगी, ताकि बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा में किसी तरह की परेशानी न हो.
फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में इन मासूम बच्चों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा. बच्चों की जरूरत के अनुसार आगे भी हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा.
मौके पर उम्मीद फाउंडेशन के मलिक अंसारी, रज्जाक अंसारी, अमीरुल, खुर्शीद अंसारी एवं हसनैन प्रिंस सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे.
