प्रतिनिधि, लिट्टीपाड़ा: लिट्टीपाड़ा प्रखंड के चीतलों गांव के समीप तिलका मांझी नेचर पार्क आकार ले रहा है. वन विभाग की ओर से सुदूर ग्रामीण और हरित क्षेत्र में विकसित किये जा रहे इस पार्क को पर्यावरण संरक्षण के साथ क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
पार्क का निर्माण पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों को प्रकृति के बीच मनोरंजन और सैर-सपाटे की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है. वहीं, आसपास के ग्रामीणों को रोजगार के नये अवसर मिलने की भी संभावना है.
हरियाली के बीच मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
वन विभाग के अनुसार, पार्क में प्राकृतिक वातावरण और हरियाली को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. यहां औषधीय पौधे और छायादार वृक्ष लगाये जा रहे हैं.
पर्यटकों के घूमने के लिए पैदल पथ, बच्चों के लिए झूले और बैठने के लिए आकर्षक शेड भी तैयार किये जा रहे हैं. पर्यावरण और स्थानीय वन्यजीवों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर सूचना पट लगाने की भी योजना है.
पार्क खुला तो बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
तिलका मांझी नेचर पार्क के विकसित होने से चीतलों समेत आसपास के गांवों के लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. पार्क की सुरक्षा, रखरखाव और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ सकती है.
पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है.
पर्यटन के नक्शे पर बनेगी नयी पहचान
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सुदूर क्षेत्र में इस तरह के पार्क का निर्माण होने से चीतलों और आसपास के गांवों को नयी पहचान मिल सकती है. लोगों को प्रकृति के करीब समय बिताने और परिवार के साथ मनोरंजन का बेहतर विकल्प मिलेगा.
लिट्टीपाड़ा जैसे सुदूर इलाके में तैयार हो रहा यह नेचर पार्क पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह क्षेत्र की खूबसूरत सैरगाह बनने के साथ पाकुड़ जिले के पर्यटन मानचित्र पर नयी पहचान बना सकता है.
