प्रतिनिधि, पाकुड़: झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ जिला इकाई, पाकुड़ की ओर से गुरुवार को जिदातो बालिका उच्च विद्यालय में प्रतिभा सम्मान-सह-शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पूर्ति ने दीप प्रज्वलित कर किया.
इसके बाद डीईओ समेत उपस्थित शिक्षकों ने शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया.
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान रानी ज्योतिर्मय बालिका उच्च विद्यालय और जिदातो बालिका उच्च विद्यालय की छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये. छात्राओं की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया.
कार्यक्रम में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया.
जिला टॉप-10 मेधावी विद्यार्थियों को मिला सम्मान
शिक्षक संघ की ओर से मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में जिला स्तर पर टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मान देकर उनके योगदान को याद किया गया.
सम्मान पाकर मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा. शिक्षकों ने कहा कि प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने से उनमें आगे बेहतर प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास बढ़ता है.
डीईओ ने शिक्षकों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
मौके पर डीईओ अनीता पूर्ति ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए शिक्षक संघ के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि छात्रों और समाज के भविष्य को संवारने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है.
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था के विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बतायी, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करायी जा सके.
सेवानिवृत्त शिक्षकों ने साझा किये अनुभव
संगोष्ठी में सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने लंबे शैक्षिक अनुभव साझा किये. संघ के जिलाध्यक्ष आंद्रियास हेंब्रम ने शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा.
उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाना है. इसके साथ ही शैक्षिक सुधारों पर चर्चा के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है.
शिक्षा व्यवस्था और भाषा-साहित्य पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में भाषा, साहित्य और शिक्षा प्रणाली के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई. शिक्षकों ने विद्यालयी शिक्षा को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों पर अपने विचार रखे.
मौके पर विजय कुमार राय, एलेन मरीना हेंब्रम, विजय कुमार भंडारी, विनय कुमार भगत, जॉन मुर्मू, नमिता त्रिवेदी, निवास प्रसाद, ज्योति पांडे, शतरूपा मुखर्जी समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे.
