पत्नी को मारकर गिट्टी में दफनाया, फिर बेटी की गला दबाकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्मशादी समारोह की रात खूनी वारदात
प्रतिनिधि, महेशपुर (पाकुड़)महेशपुर-रदीपुर ओपी क्षेत्र के इच्छानगर-गारामारा गांव में एक सनकी पति ने पहले अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर शव को गिट्टी (डस्ट) में दफना दिया, फिर घर लौटकर अपनी 13 वर्षीय बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के अनुसार, बुधवार रात गांव में एक शादी समारोह चल रहा था. इसी दौरान आरोपी नरेश टुडू अपनी पत्नी शर्मिला को बहाने से इच्छानगर मौजा स्थित एक सुनसान मैदान में ले गया. वहां लोहे की किसी भारी वस्तु से हमला कर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी शव को गांव के ही जुनास टुडू के निर्माणाधीन मकान तक ले गया और वहां गिट्टी खोदकर शव को दफना दिया, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे. इसके बाद आरोपी घर लौटा और अपनी 13 वर्षीय बेटी हेना टुडू की गला दबाकर हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर में ही सो गया, मानो कुछ हुआ ही न हो.
पूछताछ में टूट गया आरोपी, कबूला जुर्म
घटना की जानकारी मिलते ही रदीपुर ओपी प्रभारी अजय कुमार उपाध्याय, महेशपुर थाना प्रभारी रवि शर्मा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा. शुरुआती पूछताछ में आरोपी गोलमोल जवाब देता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने निर्माणाधीन मकान में गिट्टी हटाकर महिला का शव बरामद किया. बेटी का शव घर से बरामद हुआ. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए पाकुड़ सोनाजोड़ी अस्पताल भेज दिया है. घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते घरेलू हिंसा और शराबखोरी पर रोक लगती, तो शायद मां-बेटी की जान बच सकती थी. गांव की महिलाओं ने घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए प्रशासन से शराब और घरेलू हिंसा के मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
संघर्षों से भरा रहा शर्मिला का जीवन (बॉक्स…)
जानकारी के अनुसार, मृतका शर्मिला उर्फ सूरज किस्कू का जीवन लगातार संघर्षों से भरा रहा. पहली शादी दुमका निवासी झारखंड हांसदा से हुई थी, जिनकी मौत के बाद उन्होंने मोतीलाल टुडू से दूसरी शादी की. दूसरी शादी से उनकी दो बेटियां हेना और रीना हुईं. बाद में दूसरे पति की भी मौत हो गयी. इसके बाद शर्मिला ने गारामारा गांव निवासी नरेश टुडू से तीसरी शादी की थी. ग्रामीणों के मुताबिक, नरेश टुडू शराब का आदी था और अक्सर नशे की हालत में पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करता था. आये दिन घरेलू विवाद और जान से मारने की धमकी से परिवार सहमा रहता था. गांव वालों ने कई बार समझाने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी का व्यवहार नहीं बदला.
अपील : पारिवारिक कलह के प्रति सतर्कता जरूरी
घरेलू हिंसा, शराब की लत और पारिवारिक कलह कई बार भयावह अपराध का रूप ले लेते हैं. समाज और परिवार को ऐसे मामलों को ”घरेलू मामला” मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय रहते हस्तक्षेप, सामाजिक जागरूकता और प्रशासनिक कार्रवाई से कई जिंदगियां बचायी जा सकती हैं. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज को संवेदनशील और सतर्क होने की जरूरत है. फोटो कैप्शन – हत्या की घटना के बाद जांच करती पुलिस टीम.
