सुजीत कुमार मंडल, लिट्टीपाड़ा : प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न खाद दुकानदारों की मनमानी से किसान परेशान हैं. किसानों का आरोप है कि सरकारी स्तर पर खाद की कीमत निर्धारित होने के बावजूद दुकानदार निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेच रहे हैं. खेती के लिए खाद आवश्यक होने के कारण किसान मजबूरी में ऊंची कीमत चुकाकर खाद खरीदने को विवश हैं.
डीएपी और यूरिया महंगे दाम पर बेचने का आरोप
किसानों के अनुसार दुकानदार डीएपी करीब 2200 से 2600 रुपये प्रति बोरी, जबकि यूरिया 420 से 480 रुपये प्रति बोरी तक बेच रहे हैं. किसानों का कहना है कि पहले से ही महंगे बीज, मजदूरी, जुताई और अन्य कृषि खर्चों के कारण खेती की लागत बढ़ गयी है. ऐसे में खाद भी अधिक कीमत पर मिलने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.
निर्धारित मूल्य पर खाद देने की मांग
किसानों ने खाद दुकानदारों की मनमानी पर रोक लगाने और निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की मांग जिला प्रशासन से की है. किसानों का कहना है कि खाद की जरूरत खेती के दौरान अनिवार्य होती है, इसलिए दुकानदारों द्वारा अधिक कीमत वसूलने से उनकी परेशानी बढ़ रही है.
शिकायत मिलने पर होगी जांच : कृषि पदाधिकारी
प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुमित मिश्रा ने बताया कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद की खरीद-बिक्री की शिकायत अभी तक नहीं मिली है. शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि दुकानदारों द्वारा ई-पॉस मशीन का उपयोग नहीं किये जाने की स्थिति में भी कार्रवाई की जाएगी.
