पात्र व्यक्ति न्याय से वंचित नहीं रहे, यही लोक अदालत का उद्देश्य

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर पाकुड़िया प्रखंड के डोमनगड़िया पंचायत भवन में चलंत लोक अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। स्थायी लोक अदालत के सदस्य मो. अबरारुल हक ने लोक अदालत के उद्देश्य और महत्व बताते हुए कहा कि आर्थिक या अन्य कारणों से कोई भी न्याय से वंचित न रहे। लंबित मामलों का त्वरित और निशुल्क समाधान सुलह-समझौते के माध्यम से किया जाता है। पैनल अधिवक्ता कौशिक कुमार ने मध्यस्थता, सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणाम और नालसा की योजना पर जानकारी दी। जागरूकता पर्चे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पैरालीगल वालंटियर्स सहित कई लोग उपस्थित थे।

प्रतिनिधि, पाकुड़िया. झालसा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मंगलवार को पाकुड़िया प्रखण्ड के डोमनगड़िया पंचायत भवन में चलंत लोक अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का संचालन सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में किया गया. स्थायी लोक अदालत के सदस्य मो. अबरारुल हक ने ग्रामीणों को लोक अदालत के उद्देश्य और महत्व के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि आर्थिक या अन्य कारणों से कोई भी पात्र व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, यही लोक अदालत का मुख्य लक्ष्य है. लंबित मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित एवं निशुल्क निपटाया जा सकता है. पैनल अधिवक्ता कौशिक कुमार ने मध्यस्थता के माध्यम से विवाद समाधान, सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणाम और नालसा की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी. मौके पर जागरुकता पर्चे भी वितरित किये गये. कार्यक्रम में पैरा लीगल वालंटियर्स सीमा साहा, प्रियंका झा, मल्लिका सरकार सहित अन्य मौजूद थे.

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Published by: Sanu kumar dutta

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