केंद्रीय टीम ने गांवों में पहुंचकर मरीजों के इलाज और फॉलोअप का लिया जायजा
पाकुड़ : राष्ट्रीय कालाजार एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एनसीवीबीडीसी की संयुक्त निदेशक डॉ. छवि पंत जोशी के नेतृत्व में केंद्रीय टीम ने गुरुवार को पाकुड़ जिले का दौरा किया. टीम ने कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम की जमीनी स्थिति, मरीजों के उपचार, फॉलोअप और स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की. इस दौरान पीकेडीएल के संभावित मामलों की सक्रिय खोज में तेजी लाने और समय पर जांच व उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
शाहरघाटी और घाघरजानी में मरीजों से मिली टीम
केंद्रीय टीम ने अमड़ापाड़ा प्रखंड के शाहरघाटी और हिरणपुर प्रखंड के घाघरजानी गांव का भ्रमण किया. टीम ने कालाजार और पीकेडीएल से प्रभावित मरीजों से बातचीत कर उनके उपचार और स्वास्थ्य की जानकारी ली. संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं और कार्यक्रम के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गयी.
डोजियर और उपचार अभिलेखों की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान कालाजार डोजियर, मरीजों के फॉलोअप, उपचार अभिलेख और निगरानी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गयी. टीम के सदस्यों ने स्वास्थ्यकर्मियों, सहिया और लाभार्थियों से बातचीत कर कार्यक्रम की जमीनी स्थिति और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी ली.
पीकेडीएल के संभावित मरीजों की होगी सघन खोज
केंद्रीय और राज्य अधिकारियों ने पीकेडीएल के संभावित मरीजों की सक्रिय खोज तेज करने पर जोर दिया. अधिकारियों ने कहा कि संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान कर उनकी जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए. साथ ही नियमित फॉलोअप और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया गया.
चार जिलों की संयुक्त समीक्षा में बनी रणनीति
दौरे के बाद पाकुड़, गोड्डा, दुमका और साहिबगंज जिले के अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. इसमें चारों जिलों में कालाजार और पीकेडीएल की स्थिति, मरीजों के उपचार, निगरानी, वेक्टर नियंत्रण और फील्ड गतिविधियों की समीक्षा की गयी. अधिकारियों ने समय पर मरीजों की पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.
केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारी रहे मौजूद
मौके पर झारखंड के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रंजीत प्रसाद, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रवि शंकर, राज्य समन्वयक डॉ. अभिषेक पॉल, राज्य सलाहकार डॉ. अंजुम इकबाल, सिविल सर्जन पाकुड़ डॉ. पीके संथालिया, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार, डॉ. रजत रंजन समेत केंद्रीय, राज्य और जिला स्तर के अधिकारी मौजूद थे.
