पाकुड़: प्रखंड के बिरकिटी गांव स्थित पीएम-श्री हाईस्कूल में निर्माणाधीन दो मंजिला भवन में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है. ग्रामीणों ने मामले को लेकर उपायुक्त को आवेदन सौंपकर निर्माण कार्य की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार करीब दो-तीन माह पूर्व विद्यालय में दो मंजिला भवन निर्माण की स्वीकृति मिली थी. वर्तमान में भवन की एक मंजिल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर अब तक नियमानुसार सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया है. कई बार मांग करने के बावजूद ठेकेदार या मिस्त्री की ओर से सूचना पट्ट नहीं लगाया गया.
रद्दी ईंट और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
उपायुक्त को सौंपे आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि भवन निर्माण में रद्दी ईंट, घटिया बालू, कम गुणवत्ता वाले सीमेंट और खराब गुणवत्ता की छड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर विरोध करने पर संबंधित मिस्त्री या ठेकेदार की ओर से मारपीट और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गयी.
पुराने निर्माण कार्य पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में इसी मिस्त्री द्वारा विद्यालय परिसर में एक भवन और बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया था. उस निर्माण कार्य में भी घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत सामने आयी थी और गुणवत्ता संतोषजनक नहीं थी.
निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर ग्रामीण रजान देवन, हिरण शेख, स्वपन अली समेत अन्य लोगों ने उपायुक्त से निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय भवन का निर्माण सीधे बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है. ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
