पैसों के लालच में न फंसें, अनचाहे लिंक्स व एप से बचें, हो सकते हैं साइबर ठगी के शिकार
राज प्लस टू विद्यालय में साइबर अपराध पर जागरुकता अभियान
राज प्लस टू विद्यालय में साइबर अपराध पर जागरुकता अभियान
सानू/राघव, पाकुड़डिजिटल युग में तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है. इसी को ध्यान में रखते हुए सोमवार को राज प्लस टू विद्यालय में ”प्रभात खबर” अखबार द्वारा साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य सुशील कुमार झा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे. प्रभात खबर द्वारा साइबर ठगी से बचाव हेतु जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें से एक आयोजन राज प्लस टू विद्यालय में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया. कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्रों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों जैसे फिशिंग, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, मैलवेयर व रैंसमवेयर अटैक, कॉल और एसएमएस स्कैम, पहचान चोरी और निवेश ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी. बताया गया कि वर्ष 2022 में लगभग 10 हजार करोड़, 2023 में 15 हजार करोड़ और 2024 में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी हुई है, जो समस्या की गंभीरता को दर्शाता है. प्राचार्य सुशील कुमार झा ने छात्रों से कहा कि लालच और जल्दबाजी में लोग अक्सर साइबर ठगी का शिकार बनते हैं. कोई भी आधार नंबर, बैंक डिटेल्स या ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए. अनजान कॉल्स और संदेशों से सावधान रहना जरूरी है. उन्होंने कहा कि आज साइबर अपराधी परिचितों की आवाज की नकल कर भी ठगी कर रहे हैं, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है. अन्य शिक्षकों ने भी छात्रों को साइबर सुरक्षा के महत्व को समझाते हुए बताया कि अब गांव और मुहल्लों के लोग भी साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं. मोबाइल और इंटरनेट का सावधानी से उपयोग करना अत्यंत आवश्यक हो गया है. विशेषज्ञों ने सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों के माध्यम से की जाने वाली ठगी के बारे में भी बताया और छात्रों को साइबर ठगी से बचने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए, जैसे कि अज्ञात लिंक पर क्लिक न करना, निजी जानकारी साझा न करना, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना और किसी भी अज्ञात संपर्क से सतर्क रहना. कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने विशेषज्ञों से साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनके उत्तर सरल और स्पष्ट भाषा में दिए गए.
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आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन गया है. लालच और जल्दबाजी से लोग आसानी से ठगी के शिकार हो जाते हैं. छात्रों को यह समझना चाहिए कि कोई भी निजी जानकारी जैसे आधार नंबर, ओटीपी या बैंक डिटेल्स साझा नहीं करनी चाहिए. प्रभात खबर का यह प्रयास बेहद सराहनीय है, जो छात्रों को तकनीकी दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जरूरी जानकारी प्रदान कर रहा है.सुशील कुमार झा, प्रभारी प्राचार्य
साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर ठगी करते हैं. पैनिक या लालच में आकर निर्णय लेने से नुकसान होता है. हमें अपने छात्रों को सतर्क रहना और सोच-समझकर डिजिटल साधनों का इस्तेमाल करना सिखाना होगा. प्रभात खबर का जागरूकता कार्यक्रम इस दिशा में एक शानदार पहल है. उम्मीद है कि इससे बच्चों में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी.-सुभाष चंद्रा, शिक्षक
आज हर गांव और मोहल्ले में लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं. मोबाइल और इंटरनेट का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल बहुत जरूरी हो गया है. बच्चों को भी अब यह सिखाना जरूरी हो गया है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी अनजान नंबर से आई कॉल को रिसीव करने से बचें. प्रभात खबर का यह अभियान समय की मांग है, जो समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.-सरोज अहमद, शिक्षक
छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग करना बहुत जरूरी है क्योंकि डिजिटल दुनिया में खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं. फर्जी कॉल्स, सोशल मीडिया फ्रॉड और फिशिंग अटैक जैसी घटनाएं अब आम हो गई हैं. प्रभात खबर ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जो जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया है, वह बेहद प्रभावी है. इससे छात्र आत्मरक्षा के उपाय सीख सकेंगी और सतर्क रह पाएंगें.-अब्दुल्लाह विश्वास, शिक्षक
साइबर अपराध से बचने के लिए सबसे जरूरी है जागरूकता और संयम. बच्चों और युवाओं को यह समझना चाहिए कि इंटरनेट पर दिखने वाली हर चीज सच नहीं होती. फर्जी वेबसाइट्स और स्कैम कॉल्स से खुद को बचाने के लिए उन्हें सतर्क रहना चाहिए. प्रभात खबर द्वारा शुरू किया गया यह जागरूकता अभियान निश्चित रूप से छात्रों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उन्हें साइबर अपराध से बचाएगा.-शिउली घोष, शिक्षिका
साइबर अपराध अब सिर्फ तकनीकी जानकारों का विषय नहीं रहा, बल्कि आम लोगों के जीवन में भी इसका असर दिखने लगा है. बच्चों को शुरुआत से ही सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के गुर सिखाना बहुत जरूरी है. मोबाइल और सोशल मीडिया का सुरक्षित प्रयोग सिखाना हमारी जिम्मेदारी है. प्रभात खबर का यह प्रयास बेहद सराहनीय है, जो भविष्य में समाज को एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करने में मदद करेगा.-आकाश कुमार, शिक्षक
बोले छात्र
आज का कार्यक्रम बेहद उपयोगी रहा. हमें साइबर ठगी के नए-नए तरीके समझाए गए. अब मैं जान गई हूं कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक करना कितना खतरनाक हो सकता है. ओटीपी या बैंक डिटेल्स कभी शेयर नहीं करनी चाहिए. प्रभात खबर का यह अभियान बहुत मददगार है, जिससे हम खुद को और अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सकेंगे.
-इशिका कुमारी, छात्रामुझे आज समझ में आया कि साइबर अपराधी कितने चतुर तरीके से हमें फंसाने की कोशिश करते हैं. हमें सावधान रहना चाहिए और कोई भी वित्तीय या व्यक्तिगत जानकारी ऑनलाइन साझा नहीं करनी चाहिए. यह कार्यक्रम हमारे लिए एक तरह से जागरूकता की आंखें खोलने वाला था. अब हम डिजिटल दुनिया में पहले से ज्यादा सतर्क रहेंगे.
-तृषा पाल, छात्रापहले हम साइबर ठगी को सिर्फ बड़ी घटनाओं से जोड़कर सोचते थे, लेकिन आज पता चला कि कोई भी इसका शिकार हो सकता है. हमें हर अज्ञात कॉल, लिंक और ऑफर से सतर्क रहना चाहिए. इस कार्यक्रम ने हमें सिखाया कि कैसे खुद को साइबर अपराध से बचाया जा सकता है. मैं प्रभात खबर को धन्यवाद देती हूं.
– निशा दत्ता, छात्राहम अक्सर बिना सोचे-समझे लिंक खोल लेते हैं या किसी से जानकारी शेयर कर देते हैं, लेकिन आज पता चला कि यह हमारी सबसे बड़ी गलती हो सकती है. अब मैं किसी भी अनजान लिंक को नहीं खोलूंगी और ओटीपी जैसी जानकारी कभी शेयर नहीं करूंगी. प्रभात खबर का यह प्रयास बहुत सराहनीय है.
– सुनीता सूर्या भगत, छात्राआज के कार्यक्रम से हमें यह सीखने को मिला कि हर समय सतर्क रहना ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है. लालच में आकर फ्री गिफ्ट, लॉटरी जैसे झांसे में नहीं फंसना चाहिए. यह जानकारी हमारे लिए जीवन भर उपयोगी रहेगी. मैं प्रभात खबर टीम को इस महत्वपूर्ण जानकारी के लिए धन्यवाद देती हूं.
– गुलाफसा परईन, छात्रासाइबर अपराध के बारे में विस्तृत जानकारी पाकर मैं खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हूं. पहले इंटरनेट इस्तेमाल करते वक्त हम इतनी सावधानी नहीं बरतते थे, लेकिन अब हर क्लिक से पहले सोचूंगी. यह कार्यक्रम हमारे लिए एक आंख खोलने वाला अनुभव रहा. प्रभात खबर की यह पहल सराहनीय है.
-अन्नु कुमारी, छात्राआज साइबर अपराध के खतरों के बारे में जानकर काफी जानकारी मिली. हमें सिखाया गया कि किसी भी संदिग्ध लिंक या फोन कॉल से दूर रहना चाहिए. बिना सोचे-समझे कोई निजी जानकारी साझा करना बहुत जोखिम भरा हो सकता है. प्रभात खबर का यह कार्यक्रम हम सभी के लिए बेहद जरूरी था.
– विशाल सिंह, छात्रडिजिटल दुनिया के फायदे तो हैं, लेकिन खतरे भी बहुत हैं. आज यह बात गहराई से समझ आई. फिशिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी कॉल्स के बारे में जानकर मैं अब ज्यादा सतर्क रहूंगा. प्रभात खबर की इस मुहिम ने हम छात्रों को सचेत रहने की प्रेरणा दी है.
-विशाल दत्ता, छात्रसाइबर ठगी अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रही, गांवों में भी फैल रही है. हमें अपने माता-पिता और आसपास के लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करना चाहिए. कार्यक्रम से मिली जानकारी से अब मैं अपने परिवार को भी साइबर अपराध से सुरक्षित रहने के लिए सावधान कर सकूंगा.
– उत्कर्ष कुमार सिंह, छात्रआज के कार्यक्रम से हमें समझ आया कि ओटीपी, बैंक डिटेल्स जैसी संवेदनशील जानकारी को किसी भी हाल में साझा नहीं करना चाहिए. फर्जी कॉल्स और स्कैम्स के खिलाफ जागरूक होना जरूरी है. प्रभात खबर द्वारा चलाया जा रहा जागरूकता अभियान समय की जरूरत है और हम इसका हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं.
– निलय मंडल, छात्रआज मुझे साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में जानने को मिला. हम जैसे युवा अक्सर जल्दबाजी में फैसले लेते हैं, जिससे साइबर ठग हमें निशाना बनाते हैं. इस कार्यक्रम ने हमें समझदारी और सतर्कता के साथ इंटरनेट उपयोग करने की शिक्षा दी है.
– शीतल मरांडी, छात्रपहले साइबर अपराध को लेकर इतनी जागरूकता नहीं थे, लेकिन आज के कार्यक्रम से काफी कुछ नया सीखा. हमें ऑनलाइन शॉपिंग करते समय, सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय भी काफी सावधानी बरतनी चाहिए. प्रभात खबर का यह प्रयास निश्चित रूप से हम छात्रों को सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनाएगा.
– सगनेन टुडू, छात्रडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
