विधायक आलमगीर आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा
प्रधानमंत्री सार्वजनिक करें बेइमान लोगों की सूची
नोटबंदी की घोषणा के वक्त कैशलेस व्यवस्था का नहीं किया था जिक्र
53 दिनों के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों में कतार में खड़े हैं मजदूर व किसान
पाकुड़ : देश में नोटबंदी के कारण ग्रामीण क्षेत्र में गुजर-बसर करने वाले 100 करोड़ आम लोग परेशान हुए हैं. मजदूर, किसान व रोजमर्रा की जिंदगी जीने वालों का जीवन नोटबंदी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. यह बातें कांग्रेस विधायक दल के नेता सह पाकुड़ विधायक आलमगीर आलम ने कांग्रेस भवन में सोमवार को पत्रकारों से कही. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर की देर शाम अचानक नोटबंदी की किये गये घोषणा के दौरान देश में कैशलेस व्यवस्था लागू किये जाने पर कोई भी टिप्पणी नहीं की थी. नोटबंदी के बाद 50 दिन में स्थिति सामान्य हो जाने का दावा भी किया गया था. परंतु नोटबंदी के 53 दिन बीत चुके हैं
और इससे सबसे ज्यादा परेशान आम जीवन जीने वाले लोग हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में किसान व मजदूर बैंकों में लंबे-लंबे कतारों में खड़े नजर आते हैं. नोटबंदी के कारण कृषि प्रधान देश कहे जाने वाले भारतवर्ष में कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है. वर्तमान आंकड़ा के मुताबिक अपेक्षा से कम इस वित्तीय वर्ष में खेती हुई है. विधायक श्री आलम ने कहा कि 31 दिसंबर को भी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश के नाम किये संबोधन में नोटबंदी के 50 दिन पूरा होने पर लाभ या हानि का जिक्र नहीं किया.
केवल नोटबंदी से ईमानदार लोग को राहत और बेईमान को सजा मिलने की बात कही गयी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी को कालेधन रखने वाले बेइमान लोगों की सूची को सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि देश के आम लोग भी इस बात को जान पाते. एक सवाल के जवाब में विधायक श्री आलम ने कहा कि जिस उम्मीद से लोगों ने सरकार को वोट दिया था, सरकार आज उस पर खरा नहीं उतर पा रही है. वर्तमान सरकार के कार्यकाल में आम लोगों को परेशान करने वाले कार्यों को ज्यादा किया जा रहा है. जिसमें सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधित विधेयक लाना भी एक है. यह पूछे जाने पर कि सत्ता और विपक्ष दोनों के ही लोग सीएनटी-
एसपीटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से सूबे के मुख्यालय सहित अन्य बड़े शहरों में जमीन पर कब्जा किया है पर उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसा किये हैं वह गलत है और ऐसे लोगों के नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत, गलत है और सही, सही है. ललमटिया कोलमाइंस में हुए घटना पर दु:ख प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए वहां के कर्मचारी व पदाधिकारी दोषी हैं और इस मामले की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को मृत परिजनों को 10-10 लाख रूपया का मुआवजा देना चाहिए. मौके पर कांग्रेस के प्रदेश सचिव तनवीर आलम, जिला अध्यक्ष उदय लखमानी, जिला प्रवक्ता मो मुख्तार हुसैन, प्रखंड अध्यक्ष अफजल हुसैन, मो एहदिन शेख, देवु विश्वास, मंसारूल हक, प्रो जुएल मुर्मू, संतु चौधरी, मोजीबुर रहमान, सेमिनुल इस्लाम सहित अन्य मौजूद थे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक आलमगीर आलम व मौजूद कार्यकर्ता
