महेशपुर : प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों देशी शराब बेचने का धंधा बेधड़क जारी है. इस धंधे से जुड़े लोग अवैध शराब भरे बड़े ब्लाडरों को इतनी चतुराई से प्लास्टिक के बोरे या थैलों में भर कर मोटरसाइकिल पर लेकर भरे बाजार से गुजर जाते हैं और किसी को इसकी भनक तक नहीं लग पाती है. अब सवाल यह उठता है कि यह अवैध देशी शराब खपायी कहां जाती है. इस धंधे से जुड़े लोग शराब को प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न चाय-नाश्ते की दुकानों तथा ग्रामीण इलाकों में स्थित छोटे होटलों में आपूर्ति कराते हैं. जिससे रोजाना अच्छी खासी रकम इस धंधे से जुड़े लोगों को मिलती है. भले ही इस धंधे से जुड़े लोगों को इससे लाभ मिलता हो पर रोजाना मजदूरों कर अपने परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करने वाले गरीब तबके के लोगों की जीवन के लिए यह अभिशाप साबित हो रही है.
दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद हाथ आई कमाई का आधा हिस्सा अवैध शराब की भेंट चढ़ जाता है. सूत्रों की मानें तो अवैध रूप से शराब का धंधा प्रखंड क्षेत्र के राजापुर, सीमपुर, गढ़वाड़ी, असकंधा, सोनारपाड़ा सहित कई जगहों पर दिन में भी बेधड़क चल रहा है. प्रखंड क्षेत्र में अवैध शराब के धंधे का बेधड़क चलने का प्रमाण है कि 25 दिसंबर को सोनारपाड़ा गांव की महिलाओं ने काफी मात्रा में शराब जब्त कर पुलिस को सौंप दिया.
