शंकर-पार्वती की पूजा कर सुहागिनों ने मनाया तीज का पर्व
देर शाम तक शिव मंदिरों में जुटी रही सुहागिनों की भीड़
पाकुड़/पाकुड़िया/हिरणपुर : पति के दीर्घायु होने की कामना लिए सुहागिन महिलाओं द्वारा रविवार को निर्जला तीज पर्व काफी हर्षोल्लास के साथ मनाया. पाकुड़ शहरी क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्र में भी उपरोक्त पर्व को सुहागिन महिलाओं द्वारा विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना भी की. महिलाओं ने फल, पकवान, मिष्ठान आदि से डाला सजा कर हरितालिका व्रत कथा सुनी. ऐसी मान्यता है कि इस व्रत के करने से सुहागिन स्त्रियां पाप मुक्त हो जाती है और पति को दीर्घायु मिलती है. पौराणिक कथा के अनुसार सतयुग में माता पार्वती ने महादेव को वर के रूप में प्राप्त करने के लिए तीज महापर्व किया था.
अपने पिता के विरोध के बावजूद माता पार्वती ने भगवान शिव की अर्द्धांगिणी बनने को लेकर यह व्रत घने जंगलों में की थी. मां पार्वती के उपरोक्त व्रत व तपस्या से प्रसन्न हो कर भगवान शिव ने उन्हें आशीर्वाद दिया था. तभी से तीज महापर्व पर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती है. महिलाओं ने भगवान शिव व पार्वती की पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी आयु की कामना की. पाकुड़िया प्रतिनिधि के अनुसार भी प्रखंड के हनुमान मंदिर, पाकुड़िया शिव मंदिर में सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर हरितालिका व्रत की कथा सुनी. हिरणपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड के विभिन्न गांवों में सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु व मंगल कामना को लेकर निर्जला व्रत कर भगवान गौरी-शंकर की पूजा-अर्चना की. वहीं महेशपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा प्रखंड क्षेत्र में भी सुहागिन महिलाओं ने पति की मंगलकामना को लेकर तीज पर्व किया.
