बिजली की आंख मिचौनी से परेशानी

विरोध. ट्रांसफाॅर्मर में आयी तकनीकी खराबी से विद्युत व्यवस्था चरमरायी शहर में काफी दिनों से बिजली की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं की समस्या को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ग्रिड के अधिकारियों का घेराव कर विरोध जताया है. जीएम ने दो दिन बाद परेशानी दूर होने का आश्वासन दिया है. पाकुड़ : बिजली की आंख […]

विरोध. ट्रांसफाॅर्मर में आयी तकनीकी खराबी से विद्युत व्यवस्था चरमरायी

शहर में काफी दिनों से बिजली की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं की समस्या को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ग्रिड के अधिकारियों का घेराव कर विरोध जताया है. जीएम ने दो दिन बाद परेशानी दूर होने का आश्वासन दिया है.
पाकुड़ : बिजली की आंख मिचौनी से इन दिनों शहरी क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता काफी परेशान हैं. भीषण गर्मी के बावजूद बिजली की चरमराई व्यवस्था ने जहां आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. वहीं विद्युत विभाग के पदाधिकारी तकनीकी समस्या बता कर अपना पल्ला झाड़ने में लगे रहते हैं. गौरतलब हो कि लगभग एक वर्ष पूर्व तक पाकुड़ में 22-23 घंटे तक बिजली रहती थी. इसका सीधा कारण था कि पूर्व विधायक अकील अख्तर द्वारा लगातार प्रयास कर पश्चिम बंगाल से एनटीपीसी का विद्युत पाकुड़ ग्रिड को दिया जाता था.
पश्चिम बंगाल से सटे होने के कारण बंगाल से ग्रिड तक की दूरी काफी कम हुआ करती थी. जिसके कारण किसी भी तकनीकी समस्या का जल्द निदान हो जाता था. वर्तमान में पश्चिम बंगाल से पाकुड़ ग्रिड को विद्युत मिलना बंद हो गया है. सूत्र बताते हैं कि पश्चिम बंगाल से काफी मंहगे दर पर विद्युत की आपूर्ति हो रही थी. जिसे देखते हुए सरकार ने इस पर रोक लगाते हुए अब दुमका ग्रिड से पाकुड़ ग्रिड को विद्युत आपूर्ति कराये जाने की व्यवस्था की है. दुमका से पाकुड़ की दूरी ज्यादा होने के कारण हल्की बारिश व हवा में भी कई जगह पर फॉल्ट हो जाती है. लंबी दूरी के कारण उपरोक्त खराबी को विद्युत कर्मी जल्द ठीक नहीं कर पाते हैं. जिस कारण क्षेत्र में विद्युत समस्या बनी रहती है. गरमी में लोग हाथ के पंखे से काम चला रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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