दरकती छत व टूटी बेड बनी परेशानी

बदहाली . समस्याओं से जूझ रहा आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास पाकुड़ : कल्याण विभाग द्वारा संचालित कुमार कालिदास मेमोरियल कॉलेज परिसर में आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास में रहकर पठन-पाठन करने वाले छात्रों को पेयजल, साफ-सफाई, जर्जर भवन सहित मूलभूत समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार जिले के […]

बदहाली . समस्याओं से जूझ रहा आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास

पाकुड़ : कल्याण विभाग द्वारा संचालित कुमार कालिदास मेमोरियल कॉलेज परिसर में आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास में रहकर पठन-पाठन करने वाले छात्रों को पेयजल, साफ-सफाई, जर्जर भवन सहित मूलभूत समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार जिले के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया. लेकिन किसी ने भी समस्याओं के निदान के लिये रुचि नहीं दिखाई. छात्रावास में कल्याण विभाग द्वारा लगाया मोटर पंप पिछले एक सप्ताह से खराब है. पानी नहीं रहने के कारण शौचालय में दुर्गंध पैदा हो रही है.
छात्रावास संख्या चार के छत व दीवार में दरार आ गई है. छात्रों ने कहा कि मरम्मती नहीं करायी गई तो बड़ा हादसा होने की संभावना हो सकती है.
टूटे-फूटे बेड में सोने को विवश हैं छात्र
कॉलेज परिसर में चार आदिवासी छात्रावास है. जिसमें विभाग द्वारा नया बेड नहीं दिये जाने से एक बेड में दो-दो छात्र सोने को विवश है. वहीं कई बेड़ टूट गये है.
चापानल से निकलता है गंदा पानी
छात्रावास परिसर में तीन-तीन चापानल लगाये गये हैं. लेकिन दो चापानल से गंदा पानी निकलता है. उसी गंदे पानी से सैकड़ों छात्र पीने व नहाने का काम करते हैं.
क्या कहते हैं छात्र
छात्रावास में सबसे अधिक पेयजल की समस्या है. समस्या दूर करने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई.
-निर्मल मरांडी, छात्र
अगर समस्या का निदान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जायेगा.
-जोएल टुडू, छात्र नायक
एक-एक बेड में दो-दो छात्र सोने को विवश है. लेकिन प्रशासन इसपर गंभीर नहीं है.
-राजेन मुर्मू, उपछात्र नायक
पिछले एक सप्ताह से मोटर खराब है. इसे ठीक कराने के लिए किसी ने भी सुधि नहीं ली.
– सुभष्टिन टुडू, छात्र
छात्रावास में सबसे अधिक पेयजल की समस्या है. समस्या दूर करने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई.
-निर्मल मरांडी, छात्र
अगर समस्या का निदान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जायेगा.
-जोएल टुडू, छात्र नायक
एक-एक बेड में दो-दो छात्र सोने को विवश है. लेकिन प्रशासन इसपर गंभीर नहीं है.
-राजेन मुर्मू, उपछात्र नायक
पिछले एक सप्ताह से मोटर खराब है. इसे ठीक कराने के लिए किसी ने भी सुधि नहीं ली.
– सुभष्टिन टुडू, छात्र
क्या कहते हैं कल्याण पदाधिकारी
किसी तरह का फंड नहीं है. छात्रों को पीएचइडी विभाग से संपर्क कर समस्या समाधान करने के लिए कहा गया है. फंड प्राप्त होते समस्या दूर कर दी जायेगी.
तपेश्वर राम, जिला कल्याण पदाधिकारी

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