अतिक्रमण हटाये जाने के मामले में सियासी पारा गरमाया
पाकुड़ : जिला प्रशासन द्वारा सख्ती से शहर के रानी दिग्घी पोखर पटाल पर चलाये गये अतिक्रमण हटाओ अभियान से जब गरीबों के आशियाने उजड़ रहे थे तो किसी ने कोई पहल तक नहीं की. अब जब उपरोक्त पटाल पर 211 परिवारों का आशियाना पूरी तरह उजड़ गया है तो उपरोक्त मुद्दे पर सियासत भी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पाकुड़ : जिला प्रशासन द्वारा सख्ती से शहर के रानी दिग्घी पोखर पटाल पर चलाये गये अतिक्रमण हटाओ अभियान से जब गरीबों के आशियाने उजड़ रहे थे तो किसी ने कोई पहल तक नहीं की. अब जब उपरोक्त पटाल पर 211 परिवारों का आशियाना पूरी तरह उजड़ गया है तो उपरोक्त मुद्दे पर सियासत भी तेज होने लगी है.
जिला प्रशासन द्वारा मामले को लेकर सरकार से मिले दिशा-निर्देश के बाद तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की जहां दुहाई दी गयी है, वहीं कांग्रेस व झामुमो ने सरकार द्वारा उठाये गये ऐसे कदमों को गलत ठहराया है. मामले को लेकर सांसद व विधायक ने प्रभात खबर को त्वरित प्रतिक्रिया भी दी है.
क्या कहते हैं सांसद
क्षेत्रीय सांसद विजय हांसदा ने वर्तमान सरकार द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराये जाने के नाम पर पाकुड़ शहर के दिग्घी पटाल पर बसे सैकड़ों परिवार को उजाड़े जाने की कार्रवाई को तुगलकी फरमान बताया है. सांसद श्री हांसदा ने प्रभात खबर को बताया कि नियमानुसार 25-30 साल से घर बना कर रह रहे किसी भी लोगों को अचानक उखाड़ फेंकना उचित नहीं है. सरकार को उपरोक्त सभी लोगों का पुनर्वास की व्यवस्था करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि अंबानी या फिर अडाणी को जमीन दिलाने के लिए सरकार किसी भी हद को पार कर जाती है लेकिन गरीबों की अगर बात सामने आती है तो सरकार उसे बसाने के बजाय उजाड़ने का काम करती है. उन्होंने कहा कि झामुमो उपरोक्त मामले में ग्रामीणों के साथ है और इस मामले में आंदोलन करेगी.
क्या कहते हैं विधायक
शहर के रानी दिग्घी पटाल से प्रशासन द्वारा जिस बेरहमी से गरीबों के आशियाने को उजाड़ा गया है, उससे साफ है कि भाजपा सरकार गरीबों की नहीं बल्कि पूंजीपतियों की सरकार है. उन्होंने कहा कि पूर्व में भी मेरे द्वारा अतिक्रमण हटाने के पूर्व पुनर्वास की व्यवस्था कराने की मांग की गयी थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कहा कि सरकार के इस नीति का पार्टी स्तर पर विरोध किया जायेगा और धरना प्रदर्शन कर गरीबों को न्याय दिलाने का काम किया जायेगा.