सर्वाइकल कैंसर के सबसे ज्यादा मामले पाकुड़ में, एक दिन में मिली 29 मरीज, 8 एडवांस्ड स्टेज में

Cervical Cancer Patients in Pakur: संताल परगना के पाकुड़ में आयोजित हेल्थ हूल महोत्सव में 28 महिलाएं मिलीं, जिनमें सर्वाइकल कैंसर के लक्षण मिले. 14 को क्रायो उपचार दिया गया. 8 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एडवांस्ड स्टेज में है. इन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया.

Health Hul Mahotsav Pakur|Cervical Cancer Patients in Advanced Stage : संताल परगना का पाकुड़ झारखंड में सर्वाइकल कैंसर की राजधानी बन गया है. एक दिन में यहां 29 मरीजों में सर्विक्स के लक्षण मिले. इनमें से 8 को एडवांस्ड स्टेज का सर्वाइकल कैंसर है. पाकुड़ में आयोजित ‘हेल्थ हूल महोत्सव’ में महिलाओं की जांच के बाद इसका पता चला. हेल्थ हूल महोत्सव में 3,518 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई. 289 महिलाओं की जांच से पता चला कि 14 को सर्वाइकल इरोजन और 7 को प्री कैंसर है. 14 महिलाओं का ऑन द स्पॉट यानी जांच के तुरंत बाद क्रायो उपचार किया गया. इस तरह उन्हें कैंसर के खतरे से मुक्ति मिल गई. 8 को सर्वाइकल कैंसर हो चुका है, जो एडवांस्ड स्टेज में हैं. इन सभी महिलाओं को रिम्स रांची रेफर कर दिया गया. वीमेन डॉक्टर्स विंग आईएमए झारखंड, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड और पाकुड़ जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से पुराना सदर अस्पताल में मेगा महिला स्वास्थ्य कैंप और दृष्टि सुरक्षा अभियान के तहत ‘हेल्थ हूल महोत्सव’ का आयोजन किया गया था. यहीं पर ग्रामीणों की जांच के बाद की चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.

पाकुड़ के पुराने सदर अश्पताल में आयोजित हेल्थ हूल महोत्सव में दूर-दराज के इलाकों से इलाज कराने पहुंचे लोगों की भीड़. फोटो : प्रभात खबर

PVTG तक पहुंचना हमारी प्राथमिकता – डॉ भारती कश्यप

नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित झारखंड की जानी-मानी आई सर्जन डॉ भारती कश्यप, जिन्होंने पाकुड़ जिला प्रशासन की मदद से यहां मेगा हेल्थ कैंप लगाया है, ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) को बताया कि एक स्वास्थ्य कैंप में कैंसर के इतने मरीज पहले कभी नहीं मिले. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा से वंचित स्थानीय लोग और यहां पर बसे 12,600 पीवीटीजी (PVTG) परिवार के स्वास्थ्य की देखभाल और रोशनी खो रहे छोटे बच्चों का इलाज हमारी प्राथमिकता है. ये लोग हम तक (पाकुड़ से रांची) नहीं पहुंच सकते. इसलिए हम इन लोगों तक पहुंच रहे हैं. इसी उद्देश्य से हम जगह-जगह स्वास्थ्य कैंप लगा रहे हैं. संताल परगना के देवघर, जामताड़ा, दुमका, बरहेट, राजमहल और साहिबगंज में हम ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर चुके हैं.

आंख के 451 मरीजों में 175 को मोतियाबिंद, नाखूना के 25 मरीज मिले

उन्होंने बताया कि पर्टिकुलर वल्नरेबल ट्राइबल ग्रुप (पीवीटीजी) यानी विलुप्तप्राय आदिम जनजातियों के लिए लगाए गए स्वास्थ्य जांच शिविर में आंखों की बीमारी के सबसे ज्यादा 451 मरीज आए. इसमें 175 को मोतियाबिंद था. कॉर्नियाजनित दृष्टिहीनता के 10 मामले सामने आये, जन्म से अविकसित आंखों वाले 4 बच्चे मिले. इसके अलावा नाखूना के 25 मरीज भी मिले.

आंख से जुड़ी बीमारी के बारे में बताती झारखंड की प्रसिद्ध आई सर्जन डॉ भारती कश्यप.

झारखंड में चल रहा है सर्वाइकल कैंसर को हराने का अभियान

डॉ भारती कश्यप ने बताया कि झारखंड किस तरह से सर्वाइकल कैंसर को हराने के लिए अभियान चला रहा है. उन्होंने कहा कि हमलोगों ने झारखंड मॉडल बनाकर अब तक 4,70,000 प्रजनन क्षमता वाली महिलाओं की स्क्रीनिंग की है. जननांग में सूजन के लक्षण और हाई रिस्क कैटेगरी की महिलाओं का उपचार भी किया है. इसी अभियान के तहत हम आदिवासी बहुल इलाकों में लगातार कैंप लगा रहे हैं. वर्ष 2024 में संताल परगना और कोल्हान के दूर-दराज के नक्सल प्रभावित इलाकों में आदिवासियों खासकर पीवीटीजी के लिए आई कैंप और मेगा महिला स्वास्थ्य कैंप लगाए हैं.

पाकुड़ में आयोजित हेल्थ हूल महोत्सव में सर्वाइकल कैंसर के बारे में जानकारी देती डॉ भारती कश्यप और उनकी टीम.

2024 में पश्चिमी सिंहभूम के गुवा, गोईलकेरा और टोंटे में लगाए कैंप

उन्होंने बताया कि 1 जुलाई को पश्चिमी सिंहभूम के गुवा में, 15 जुलाई को गोईलकेरा और 21 दिसंबर को टोंटो में कैंप लगाए थे. डॉ भारती कश्यप ने वर्ष 1991 से अब तक ‘विजन फॉर झारखंड’ अभियान के तहत सरकारी स्कूल के 20 लाख से ज्यादा बच्चों की आंखों की स्क्रीनिंग की है. हजारों बच्चों को मुफ्त चश्मा दिया है. सैकड़ों बच्चों का निःशुल्क मोतियाबिंद का ऑपरेशन करके उन्हें दोबारा स्कूल जाने लायक बनाया है.

पाकुड़ की स्टूडेंट्स के मॉडल ने डॉ भारती कश्यप को किया प्रभावित.

महेशपुर के विधायक स्टीफन मरांडी ने की डॉ भारती की तारीफ

इस अवसर पर महेशपुर के विधायक प्रो स्टीफन मरांडी ने पाकुड़ जिला प्रशासन और रांची से आईं डॉ भारती कश्यप के कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की वजह से इतना बड़ा आयोजन यहां हुआ. उन्होंने हेल्थ हूल मेला की प्रशंसा की. कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहले पाकुड़ बहुत पिछड़ा था. अब बहुत सुधार हुआ है. पहले पाकुड़ के लोग इलाज कराने बंगाल जाते थे. अब कई रोगों का इलाज सदर अस्पताल में ही हो जाता है. सदर अस्पताल में नई डिजिटल वीडियो कॉल्पोस्कोप और क्रायो मशीन लगाई गई है.

हेल्थ हूल महोत्सव का फीता काटकर उद्घाटन करते महेशपुर के विधायक प्रो स्टीफन मरांडी. फोटो : प्रभात खबर

हेल्थ हूल महोत्सव में 3518 लोगों के स्वास्थ्य की हुई जांच

पाकुड़ के उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले के स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम की सराहना की. कहा कि जिले में पल्स पोलियो अभियान में जिले का प्रदर्शन सराहनीय रहा. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सभी विद्यालयों में कैंप लगाए गए. इसमें 30 हजार बच्चों की जांच हुई. 17, 18 और 19 दिसंबर को पाकुड़ जिले के सभी समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दिव्यांग कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें से 662 दिव्यांगजनों की जांच हुई.

पाकुड़ के डीसी मनीष कुमार बोले- डॉक्टरों की कमी को करेंगे दूर

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता योजना के बारे में लोगों को बताने के लिए यहां स्टॉल लगाए गए हैं. हमारे जिले में आयुष कैंप, आधार कार्ड बनाने के लिए जिले में कैंप लगाए जा रहे हैं. लोग इसका लाभ लें. पाकुड़ के उपायुक्त ने आश्वसान दिया कि आने वाले दिनों में जिले में डॉक्टर की कमी को पूरा किया जाएगा. उपायुक्त ने कहा कि जागरूकता से सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी को हरा सकते हैं. जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की वजह से मौत हो जाती है.

पाकुड़ में आयोजित हेल्थ हूल महोत्सव में शामिल हुए लोग.

स्वास्थ्य अच्छा है, तो सब अच्छा है – एसपी

पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य अच्छा है, तो आपका सब अच्छा है. स्वास्थ्य ही धन है. आप सभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें. प्रतिदिन व्यायाम करें, रेगुलर बॉडी चेकअप कराते रहें. एसपी ने बताया कि साल में 1.70 लाख मौतें सड़क दुर्घटना में होती है. उन्होंने अपील की कि बाईक चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें. कार चलाते समय सीट बेल्ट जरूर लगाएं.

गांवों में गर्भाशय ग्रीवा के सूजन की मरीज ज्यादा – सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ मंटू कुमार टेकरीवाल ने कहा कि गर्भाशय ग्रीवा के सूजन की मरीज गांव में बहुत ज्यादा हैं. छोटे बच्चों में मोतियाबिंद और कई और तरह की दृष्टिहीनता भी है. इनको जागरूक करना बहुत जरूरी है.

हेल्थ हूल मेला का उद्घाटन करते अतिथि. फोटो : प्रभात खबर

हेल्थ हूल मेला में इतनी तरह की हुई जांच

हेल्थ हूल मेला में सर्वाइकल कैंसर की जांच के साथ-साथ नेत्र जांच, मलेरिया एवं फाइलेरिया की जांच, एचआईवी एवं सिफलिस की जांच, कालाजार की जांच, उच्च रक्तचाप की जांच, टीबी की जांच, सिकल सेल की जांच, मधुमेह रोग की जांच की गई. प्रसव पूर्व जांच, हिमोग्लोबीन की जांच और वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई.

हेल्थ हूल मेला में ये लोग हुए शामिल

मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर और दृष्टि सुरक्षा अभियान के मुख्य अतिथि महेशपुर के विधायक स्टीफन मरांडी थे. शिविर का उद्घाटन उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, आईएमए के वीमेन डॉक्टर्स विंग की पूर्व राष्ट्रीय सह-अध्यक्ष और वर्तमान में आईएमए झारखंड वीमेन डॉक्टर्स विंग की अध्यक्ष डॉ भारती कश्यप, जिला परिषद अध्यक्ष जूली खिष्टमणि हेम्ब्रम, उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, सिविल सर्जन डॉ मंटू कुमार टेकरीवाल, सांसद प्रतिनिधि, लिट्टीपाड़ा के विधायक प्रतिनिधि, पाकुड़ के विधायक प्रतिनिधि ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया.

क्या है हेल्थ हूल मेला?

वीमेन डॉक्टर्स विंग आईएमए झारखंड, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड और पाकुड़ जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से पाकुड़ जिले के पुराना सदर अस्पताल में मेगा महिला स्वास्थ्य कैंप और दृष्टि सुरक्षा अभियान का आयोजन किया गया. इसे ‘हेल्थ हूल मेला’ नाम दिया गया था. इसमें कई तरह की जांच हुई. मरीजों का इलाज हुआ. उन्हें दवाइयां भी दी गईं.

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By Mithilesh Jha

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