पाकुड़ : रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिविल कोर्ट पाकुड़ में पारा लीगल वोलेंटियर और पैनल अधिवक्ता को स्किल डेवलप करने के उद्देश्य से झालसा के निर्देश पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसका मुख्य विषय पीड़ित व्यक्ति जो घर के मुखिया हो. उनका अपराधियों द्वारा हत्या कर दी जाती है. एसिड अटैक व दुष्कर्म पीड़िता जिला विधिक सेवा प्राधिकार में मुआवजा हेतु आवेदन कर सकते है. लेकिन पीड़िता की ओर से न कि बराबर ही अभी तक विशेष रूप से कोई आवेदन प्राप्त हो रहा है. सरकार ने वर्ष 2012 में ही उनके लिए कानून बना दिया है.
इसके तहत अपराधी को नि:शुल्क वकील उपलब्ध कराना, जेल में समुचित व्यवस्था करना शामिल है. कुछ मामलों में अभियुक्त को बचाने के उद्देश्य से मानव अधिकार के समक्ष पहुंच जाता है और मानव अधिकार से हस्तक्षेप होता है. पीड़ित है उनकी ओर से सिर्फ अभियोजन ही पैरवी करते हैं. मूलभूत योजनाओं से वंचित रह जाया करते थे. उनकी यही समस्याओं को दूर करने के लिए बनाया गया. मौके पर अधिवक्ता शिवशंकर केवट ने भी पीड़िता को होनेवाले लाभ के बारे में बताया. पीएलवी से विशेष तौर पर आग्रह किया कि वह भी न्यायालय का मजबूत स्तंभ हैं, जो समाज से जुड़कर न्यायालय तक लाकर पीड़िता को मुआवजा दिलाकर सामाजिक कार्य का निर्वहन कर सकते हैं. मौके पर पैनेल अधिवक्ता समीर कुमार मिश्रा, बिनॉय कुमार भगत, रुकुमुद्दीन सेख समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद थे.
