पाकुड़ : स्थानीय वीर कुंवर सिंह भवन में शुक्रवार को झारखंड विकास परिषद अमड़ापाड़ा के पैक्स परियोजना के तहत मनरेगा पर जिलास्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया. इसमें अमड़ापाड़ा एवं लिट्टीपाड़ा प्रखंड के 60 गांव के 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.
मनरेगा लोकपाल रामजीवन आहड़ी, संस्था के सचिव सुभाषिनी सोरेन, ग्राम प्रधान पास्टर टुडू ने सेमिनार का उद्घाटन किया. इस दौैरान संचालक ने पैक्स परियोजना के कार्यपालक अधिकारी से एक वर्ष में किये गये कार्यों व उपलब्धियों तथा सामुदायिक स्तर पर हुए बदलाव को प्रतिभागियों के बीच रखा. झारखंड विकास परिषद की सचिव सुभाषिनी सोरेन ने कहा कि जब परियोजना शुरू हुई थी तब ग्रामस्तर पर मनरेगा की स्थिति काफी खराब थी.
मजदूरों का जॉब कार्ड उनके पास नहीं था. काम का सही दाम नहीं मिलता था न ही बेरोजगारी भत्ता मिलता था. वे अपने हक की बात करने से डरते थे. परंतु आज का समय में जॉब कार्ड मजदूरों के हाथ में उन्हें काम मिल रहा है व लोगों में जागरूकता आयी है. कहा : इतनी पारदर्शिता होने के बावजूद मजदूरों को साल में 100 दिन का रोजगार नहीं मिल रहा है.
उन्हें अपने अधिकार के लिए आवाज उठाने की जरूरत है. पहले एक ही तालाब को दो योजना दिखा कर गलत ढंग से पैसा निकाल लिया जाता है. मापी पुस्तिका को नहीं भरा जाता था. आज इन सब में काफी सुधार आया है. इस अवसर पर ज्ञानधर चंद्र, इजराईल, थॉमस, बर्सन, मरियानुस, विजय, विकास पाल आदि थे.
