‘उदास अमेरिकी सैनिक’ लीक कर रहे ईरान युद्ध की खुफिया जानकारी, क्लब डांसर का खुलासा, वीडियो वायरल

Iran War US Soldiers: ईरान युद्ध में कूदे हुए अमेरिका को एक महीने से भी ज्यादा समय बीत चुका है. इस युद्ध में अब अमेरिका ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी करता नजर आ रहा है. इस बीच एक क्लब की डांसर (स्ट्रिपर) का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह दावा कर रही है कि डिप्रेस्ड (उदास) अमेरिकी सैनिक ईरान के खिलाफ युद्ध में अपनी तैनाती की जानकारी लीक कर रहे हैं.

Iran War US Soldiers: ईरान युद्ध के जल्द समाप्त होने की आशंका नहीं हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध पर पहली बार राष्ट्र के नाम संबोधन किया. इसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका अपना लक्ष्य पूरा करने के करीब है, साथ ही ट्रंप ने यह भी इशारा किया कि अमेरिका अगले 2-3 हफ्तों में ईरान के ऊपर ताबड़तोड़ हमले कर सकता है. अब यह हमला कैसा होगा? जमीनी आक्रमण होगा या एयरस्ट्राइक जारी रहेगी? जो भी हो, ट्रंप ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं, लेकिन इसी बीच अमेरिकी जवानों को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है. सैन डिएगो की एक स्ट्रिपर और एक्सोटिक डांसर चार्म डेज ने दावा किया है कि अमेरिका के युवा सैनिक अनजाने में अपने मिडिल ईस्ट में होने वाली आगामी तैनाती (डिप्लॉयमेंट) से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं.

डांसर चार्म डेज का एक टिकटॉक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में उन्होंने दावा किया, मैंने नोटिस किया है कि हाल ही में बहुत सारे मिलिट्री वाले आ रहे हैं और अपना सारा पैसा खर्च कर रहे हैं. वे थोड़ा उदास हैं. वे कहते हैं, ‘हम मजे करने वाले हैं,’ लेकिन आप समझ सकते हैं कि कुछ ठीक नहीं है. फिर वे कहते हैं, ‘हम अगले हफ्ते डिप्लॉय हो रहे हैं.’ उनके अनुसार इनमें से कई को सीधे ईरान के खिलाफ कार्रवाई में भेजा जा सकता है. 

डेज ने कहा, ‘इन युवा लड़कों को देखना और फिर उनका हमें ‘अलविदा’ कहना, यह सच में मुझे भावुक कर देता है.’ उन्होंने कुछ सैनिकों को ‘बेबी-फेस्ड’ और ‘बिलकुल कम उम्र’ का बताया. उनके इस वीडियो को लाखों लोगों द्वारा देखा गया है. डेज के टिकटॉक पर 9 लाख फॉलोवर हैं. 

जहां सैन्य बेस वहीं पर स्ट्रिप क्लब

सैन डिएगो अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य ठिकानों में से एक के पास स्थित है. यहां नेवल बेस सैन डिएगो, नेवल बेस कोरोनाडो और कैंप पेंडलटन जैसे प्रमुख बेस मौजूद हैं. इन इलाकों में कुछ स्ट्रिप क्लब हैं. ऐसे में इस दावे के सामने आने के समय ने इस अटकल को और तेज कर दिया है कि अमेरिका ईरान के साथ जारी तनाव में बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. हालांकि डेज ने किसी विशेष यूनिट या लक्ष्य का खुलासा नहीं किया, लेकिन उनके बयान को कई लोग अमेरिका की संभावित सैन्य तैनाती की झलक के रूप में देख रहे हैं.

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अमेरिका की जमीनी कार्रवाई का अंदेशा

यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हजारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक, जिनमें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट्स और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हिस्से शामिल हैं, पहले ही इस क्षेत्र में तैनात किए जा चुके हैं. वहीं 2 मार्च की सुबह तक अपने अंतिम सार्वजनिक भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने अगले 14-21 दिनों का टाइमलाइन बताते हुए भीषण कार्रवाई का इशारा किया है. 

ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिका जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकता है. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में पहले से ही अपने नौसेना जहाज यूएसएस त्रिपोली और यूएसएस बॉक्सर के साथ 4000 से ज्यादा मरीन सैनिकों की तैनाती की है. ये दोनों जहाज एम्फीबियस असॉल्ट वॉरशिप हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हजारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक पहले ही नौसैनिक संसाधनों के साथ इस क्षेत्र में भेजे जा चुके हैं. इनमें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट्स और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हिस्से शामिल हैं. वहीं यूएसएस ट्रिपोली पर सवार करीब 3,500 नाविक और मरीन भी हाल ही में पश्चिम एशिया पहुंचे हैं.

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ग्राउंड ऑपरेशन से बढ़ेगी मृतकों की संख्या; अमेरिकी जनता का समर्थन नहीं

अमेरिका के भीतर ग्राउंड ऑपरेशन पर समर्थन का माहौल नहीं दिख रहा है. दो-तिहाई अमेरिकी चाहते हैं कि अमेरिका इस युद्ध में अपनी भागीदारी खत्म कर दे, भले ही इससे उसके मुख्य रणनीतिक लक्ष्य पूरे न हो पाएं. देशभर में सैनिकों के परिवारों में गुस्सा और चिंता बढ़ रही है. कई लोगों का मानना है कि यह युद्ध ट्रंप की आक्रामक मिडिल ईस्ट रणनीति का नतीजा है और गैरजरूरी है. अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है. लोगों को डर है कि अगर ईरान के खिलाफ ग्राउंड ऑपरेशन हुआ, तो हताहतों की संख्या काफी बढ़ सकती है. 

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लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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