आलूबेड़ा गांव के पास रोक कर बकाया मजदूरी व रोजगार की गारंटी को लेकर पूछे कई सवाल
पैनम अधिकारियों ने मजदूरों को धैर्य रखने की दी सलाह
अभी 360 गार्ड व 1592 कामगार थे कार्यरत
अमड़ापाड़ा : पैनम के बंद होने के बाद अब यहां विरोध के स्वार उठने लगे हैं. पैनम कोल परियोजना के कोयला उत्खनन क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों, सिक्योरिटी गार्ड, सुपरवाइजर आदि द्वारा बुधवार को पैनम के अधिकारियों का आलूबेड़ा गांव के निकट घेराव किया गया. ये लोग बकाया मजदूरी का भुगतान करने तथा रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग कर रहे थे.
मजदूरों को पैनम अधिकारियों द्वारा मांगों के निदान को लेकर धैर्य रखने की सलाह दी गयी. बुधवार को पैनम कोल परियोजना के गौतम सामंतो, चैतन्य उपाध्याय, जेम्स मुमरू कोयला उत्खनन क्षेत्र की ओर जा रहे थे और जैसे वे आलूबेड़ा के निकट पहुंचे, दर्जनों की संख्या में खदान मजदूर एवं निजी सिक्योरिटी गार्डो ने उन्हें घेर लिया. मजदूरों ने कोयला खदान बंद हो जाने के बाद उनके समक्ष उत्पन्न रोजगार की समस्या को प्रमुखता से रखा. बताया कि उत्खनन एवं परिवहन बंद हो जाने के कारण उन्हें मजदूरी नहीं मिल रही है.
उनके परिवार का भरण-पोषण नहीं हो पा रहा है. मजदूरों ने पैनम अधिकारियों से पूछा कि नयी कंपनी कोयला उत्खनन का काम करेगी तो उन्हें रोजगार मिलेगा या नहीं. पैनम के श्री सामंतो एवं श्री मुमरू द्वारा कहा गया कि धैर्य से काम लें, शीघ्र समस्या का समाधान निकाला जायेगा. घेराव कर रहे मजदूरों में दीपेन मंडल, मनोज कुमार, जया प्रसाद, प्रमोद चौबे, ललन कुमार, गार्ड जितेन कुमार, सदानंद आदि सक्रिय दिखे. उल्लेखनीय है कि पैनम कंपनी में लगभग 360 सिक्योरिटी गार्ड एवं छोटे-बड़े 1592 कामगार मजदूर कार्यरत थे और बीते तीन दिनों से कोयला का उत्खनन व परिवहन बंद होने के कारण वे बेकार बैठ गये हैं.
