पैनम में कोयला उत्खनन व परिवहन कार्य बंद हो जाने से अमड़ापाड़ा में सन्नाटा
अमड़ापाड़ा : प्रखंड के कठालडीह कोयला उत्खनन क्षेत्र में कोयले की खुदाई सहित सड़क मार्ग से कोयले का परिवहन पैनम कोल परियोजना द्वारा अचानक बंद कर दिये जाने की वजह से अमड़ापाड़ा में सन्नाटा पसर गया है. कोयला उत्खनन व परिवहन कार्य बीते तीन दिनों से बंद रहने की वजह से ट्रांसपोटर, डंपर मालिक, गैरेज, होटल मालिक सहित प्रखंड मुख्यालय के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों के समक्ष भी रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है.
तीसरे दिन कोयला उत्खनन बंद रहने के कारण पाकुड़ अमड़ापाड़ा लिंकरोड पर सन्नाटा सा पसरा रहा. कोयला उत्खनन एवं परिवहन से जुड़े मजदूरों, डंपर मालिकों, टांसपोटरों, मोटर पार्टस के दुकानदारों के अलावे खदानों में दैनिक रूप से काम कर रहे मजदूरों के समक्ष भी रोजगार को लेकर संशय देखा गया. हाट बाजारों में जहां अन्य दिनों की अपेक्षा चहल पहल कम दिखी.
वहीं कोयला उत्खनित क्षेत्र सहित लोटामारा रेलवे साइडिंग में भी सन्नाटा दिखा. अधिकांश कोयला की ढुलाई कर रहे डंपरों के मालिकों द्वारा अपने-अपने डंपरों को उत्खनित क्षेत्र से हटा लिया गया है. जबकि कुछ डंपर मालिक द्वारा गैरेज में वाहनों को लगा दिया गया है. कोयला उत्खनित क्षेत्र कठालडीह में होलपैक के अलावे डोजर, पेलोडर एवं कोयला खोदने वाली मशीने खड़ी है.
पैनम के पास सरकार का है करोड़ों का बकाया
पैनम कोल परियोजना द्वारा कोयला के उत्खनन एवं परिवहन को अचानक बंद कर दिये जाने की वजह से सरकारी राजस्व की वसूली को लेकर भी अधिकारियों के सामने सवाल खड़े हो गये हैं. पैनम कोल परियोजना के पास खनन एवं वाणिज्यकर विभाग के करोड़ों रुपये राजस्व बकाया है. खनन पदाधिकारी चिंतामणि महतो ने बताया कि पैनम कोल परियोजना के पास खनन विभाग का 91 करोड़ राजस्व बकाया है.
राजस्व बकाया का मामला कोर्ट में लंबित रहने के कारण वसूली नहीं हो पायी है. श्री महतो ने बताया कि डीसी के न्यायालय में 12 से 14 करोड़, डिप्टी डायरेक्टर माइंस दुमका के न्यायालय में 24 करोड़ एवं शेष बकाया राशि का मामला उच्च न्यायालय में लंबित है. वहीं वाणिज्यकर उपायुक्त आलोक नारायण सिन्हा ने बताया कि वाणिज्य विभाग पैनम से 4 करोड़ का राजस्व पायेगा.
